मान सरकार ने मानसून से पहले सीवर सफाई और डी-सिल्टिंग के आदेश दिए, जलभराव रोकने के लिए सख्त निर्देश
आगामी मानसून को देखते हुए पंजाब में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने सभी नगर निगमों और जिला प्रशासन को सीवर सफाई और नालों की डी-सिल्टिंग (गाद निकालने) के लिए तुरंत अभियान शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि बारिश के दौरान शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को काफी हद तक रोका जा सके।
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने नगर निगम आयुक्तों और जिला उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि इस काम में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर साल मानसून के दौरान जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए इस बार सरकार ने पहले से तैयारी करने का फैसला लिया है।
सरकार ने विशेष रूप से उन इलाकों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है, जो निचले स्तर पर स्थित हैं या जहां हर वर्ष पानी भरने की समस्या रहती है। इन क्षेत्रों में सीवर लाइन की सफाई, नालों की डी-सिल्टिंग और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा।
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इसके साथ ही अधिकारियों को सख्त समयसीमा तय करने और उसी के अनुसार कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा सामने न आए और काम समय पर पूरा हो सके।
सरकार ने इस पूरे अभियान की निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था भी लागू की है। अधिकारियों को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी और उच्च स्तर पर इसकी समीक्षा की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्य निर्धारित समय के भीतर और प्रभावी तरीके से पूरा हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते की गई यह तैयारी न केवल जलभराव की समस्या को कम करेगी, बल्कि शहरों में यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाएगी और जलजनित बीमारियों के खतरे को भी घटाएगी।
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार का यह कदम शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और मानसून के दौरान आम लोगों को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

