पंजाब में मनरेगा के तहत ₹300 करोड़ फंड जारी होगा और गांवों में जॉब कार्ड कैंप लगेंगे, जिससे ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बड़ा सहारा।
पंजाब सरकार ने ग्रामीण रोजगार को मजबूती देने के लिए मनरेगा योजना के तहत बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने घोषणा की कि राज्य को जल्द ही ₹300 करोड़ की लंबित राशि जारी की जाएगी, जिससे गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और श्रमिकों के बकाया भुगतान सुनिश्चित होंगे।
मंत्री ने बताया कि यह फंड अप्रैल माह में जारी होने की संभावना है और इससे मनरेगा के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है।
इस दौरान उन्होंने श्रमिकों के हितों की रक्षा को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मजदूर का जॉब कार्ड रद्द नहीं किया जाएगा और सभी को योजना का लाभ मिलता रहेगा।
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ग्रामीण क्षेत्रों में योजना का दायरा बढ़ाने के लिए सरकार ने विशेष जॉब कार्ड पंजीकरण कैंप आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन कैंपों के जरिए नए पात्र श्रमिकों को योजना से जोड़ा जाएगा और रोजगार की गारंटी दी जाएगी। साथ ही, प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। मंत्री सोंड ने कहा कि यह ₹300 करोड़ का फंड गांवों के लिए संजीवनी साबित होगा और इससे बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में मनरेगा के तहत नए विकास प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
सरकार की इस पहल को ग्रामीण पंजाब के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो रोजगार, पारदर्शिता और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देगा।

