पंजाब में ₹214 करोड़ की लिफ्ट इरिगेशन योजना से कंडी क्षेत्र के 33 गांवों और 11,500 एकड़ जमीन को मिलेगा नहर का पानी।
पंजाब सरकार ने कंडी क्षेत्र में सिंचाई के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ₹214 करोड़ की कठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना का शुभारंभ किया है। इस परियोजना के माध्यम से पहली बार ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक नहर का पानी पहुंचाया गया है, जिससे 33 गांवों और लगभग 11,500 एकड़ भूमि को सीधा लाभ मिलेगा।
कंडी क्षेत्र को मिला बड़ा फायदा
जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने योजना का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह परियोजना लंबे समय से उपेक्षित कंडी क्षेत्र के किसानों के लिए गेमचेंजर साबित होगी। अब तक यहां के किसान वर्षा और ट्यूबवेल पर निर्भर थे, लेकिन इस योजना से उन्हें स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी।
तीन चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट
सरकार के अनुसार, यह योजना तीन चरणों में लागू की जा रही है:
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पहला चरण: 13 गांवों में 4,000 एकड़ क्षेत्र कवर (पूरा)
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दूसरा चरण: 14 गांवों में 5,500 एकड़ क्षेत्र (सितंबर 2026 तक)
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तीसरा चरण: 6 गांवों में 2,000 एकड़ क्षेत्र
इस परियोजना में 650 किलोवाट का सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है, जिससे बिजली खर्च में कमी आएगी।
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आधुनिक तकनीक से तैयार योजना
यह योजना बिस्ट दोआब नहर से जुड़ी है, जिसमें पंपिंग और पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए पानी को ऊंचाई वाले खेतों तक पहुंचाया जा रहा है। खास बात यह है कि इसके लिए किसी भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़ी।
किसानों की आय और उत्पादकता में वृद्धि
इस योजना से किसानों को बेहतर फसल उत्पादन, फसल विविधीकरण और भूमि की गुणवत्ता में सुधार का लाभ मिलेगा। साथ ही भूजल पर निर्भरता कम होगी और बिजली की खपत में भी कमी आएगी।
सिंचाई क्षेत्र में बड़ा निवेश
मंत्री गोयल ने बताया कि राज्य सरकार अब तक ₹6,700 करोड़ खर्च कर सिंचाई ढांचे को मजबूत कर चुकी है। इससे नहरों के पानी का उपयोग 22% से बढ़कर 78% तक पहुंच गया है, जो किसानों के लिए बड़ी राहत है।
सरकार की अन्य योजनाएं भी जारी
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और आम जनता के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनमें ₹10 लाख तक मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा और 600 यूनिट मुफ्त बिजली शामिल हैं।
निष्कर्ष
कठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना पंजाब के कंडी क्षेत्र में कृषि और जल प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाली पहल है। इससे किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

