मान सरकार ने बाढ़ सुरक्षा तैयारियां तेज कीं, अजनाला में तटबंध और ड्रेनेज कार्यों का निरीक्षण कर दिए सख्त निर्देश।
मानसून से पहले संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए पंजाब सरकार ने तैयारियों को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में राज्य प्रशासन बाढ़ से बचाव के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री Barinder Kumar Goyal और ‘आप’ के वरिष्ठ नेता व विधायक Kuldeep Singh Dhaliwal ने अजनाला क्षेत्र के गांव चाहरपुर का दौरा कर बाढ़ सुरक्षा कार्यों का जायजा लिया।
यह निरीक्षण दौरा मुख्य रूप से जल संसाधन और खनन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित किया गया था। अधिकारियों के साथ मौके पर बैठक करते हुए मंत्री बरिंदर गोयल ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य मानसून शुरू होने से पहले सभी संवेदनशील क्षेत्रों में तटबंधों को मजबूत करना और ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह दुरुस्त करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए।
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वहीं विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि सरकार “बचाव ही सबसे बेहतर उपाय” की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों, किसानों और पंचायतों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें, ताकि बाढ़ नियंत्रण के प्रयास सफल हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकारों की तरह आपदा आने का इंतजार नहीं किया जा रहा, बल्कि पहले से ही पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, जिससे किसानों की फसलों और आम लोगों की संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सके।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए। इनमें सभी सुरक्षा परियोजनाओं को समय पर पूरा करना, तटबंध निर्माण में उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग सुनिश्चित करना और नदियों के प्राकृतिक बहाव में किसी भी तरह की बाधा न आने देना शामिल है। इसके अलावा खनन गतिविधियों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए, ताकि जल प्रवाह प्रभावित न हो।
अजनाला जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की सक्रियता यह दर्शाती है कि पंजाब सरकार बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रशासन की कोशिश है कि राज्य के हर संवेदनशील जिले में समय रहते निरीक्षण और सुधार कार्य पूरे किए जाएं, ताकि ‘सुरक्षित पंजाब’ के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
कुल मिलाकर, यह पहल न केवल आपदा प्रबंधन के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि राज्य में विकास और सुरक्षा दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी इसी तरह के निरीक्षण अभियान जारी रहने की संभावना है।

