सीएम भगवंत मान ने पंजाब में फिनलैंड-नीदरलैंड मॉडल लागू कर कृषि, शिक्षा और उद्योग में बड़े बदलाव की घोषणा की।
पंजाब को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आधुनिक राज्य बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने एक बड़ा विकास खाका पेश किया है। यूरोप के सफल दौरे के बाद आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने Finland और Netherlands के मॉडल को अपनाते हुए राज्य के कृषि, शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक बदलावों की घोषणा की। मुख्यमंत्री का मानना है कि इन उन्नत मॉडलों के जरिए पंजाब की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है।
कृषि क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से नीदरलैंड मॉडल को लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य में पॉलीहाउस और ग्लासहाउस तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे कम पानी में अधिक उत्पादन संभव हो सकेगा। इस आधुनिक तकनीक के जरिए रसायनों के उपयोग को कम करते हुए उत्पादकता को 80 से 100 किलोग्राम प्रति वर्ग मीटर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन में भी अहम भूमिका निभाएगी।
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिनलैंड के विश्व प्रसिद्ध शिक्षा मॉडल को अपनाकर पंजाब की स्कूल प्रणाली को आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाएगा। इसके तहत शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड भेजा जा रहा है, ताकि वे वहां की उन्नत शिक्षण पद्धतियों को सीखकर राज्य में लागू कर सकें। इसके साथ ही, हाल ही में जेईई मेन परीक्षा में सफल हुए छात्रों को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित करने की योजना भी बनाई गई है।
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औद्योगिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि Mohali को एक प्रमुख औद्योगिक और आईटी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि विदेशी कंपनियों ने पंजाब में सेमीकंडक्टर और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश करने में गहरी रुचि दिखाई है। सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और बेहतर बुनियादी ढांचे की सुविधा प्रदान कर रही है। मोहाली में प्रस्तावित सेमीकंडक्टर लैब को राज्य के तकनीकी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह भी बताया कि इन योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए विशेषज्ञों का एक और प्रतिनिधिमंडल 18 मई को विदेश भेजा जाएगा, जो प्रशिक्षण लेकर वापस आएगा और इन मॉडलों को प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार की यह रणनीति राज्य को कृषि, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास है। इन पहलों के जरिए न केवल उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे पंजाब को एक आधुनिक और आत्मनिर्भर राज्य बनाने का लक्ष्य साकार हो सकेगा।

