पंजाब सरकार ने फसल खरीद 2026 के लिए 100% MSP, समय पर भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Punjab में आगामी फसल सीजन को देखते हुए सरकार ने खरीद व्यवस्था को लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री Lal Chand Kataruchak ने उच्च स्तरीय बैठक के बाद स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदने के लिए पूरी तरह तैयार है और इस बार खरीद प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, तेज और किसान हितैषी बनाया गया है।
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पूरे राज्य में 100 प्रतिशत फसल खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी मेहनत का पूरा हक दिलाना है, ताकि उन्हें बाजार में अपनी फसल कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े।
सरकार द्वारा तैयार की गई नई रणनीति के तहत राज्य की सभी अनाज मंडियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि मंडियों में पर्याप्त मात्रा में जूट के बोरों की आपूर्ति कर दी गई है और फसल की आवक को संभालने के लिए लॉजिस्टिक व्यवस्था मजबूत की गई है। साथ ही अधिकारियों को 24 घंटे मंडियों में मौजूद रहने और किसानों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर भी इस बार विशेष जोर दिया गया है। खरीद से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम हो सके। किसानों के बैंक खातों में सीधे भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है।
प्राकृतिक चुनौतियों और मौसम में बदलाव को ध्यान में रखते हुए सरकार ने खरीद एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि फसल की आवक अचानक बढ़ती है, तो भी मंडियों में भीड़ या अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त संसाधनों और कर्मचारियों की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है।
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मंत्री लाल चंद कटरूचक ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अलावा, इस बार सरकार ने केवल खरीद पर ही नहीं बल्कि फसल के समय पर उठान (लिफ्टिंग) और भुगतान पर भी विशेष ध्यान दिया है। योजना के तहत किसानों को उनकी उपज बेचने के 48 से 72 घंटों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि मंडियों में किसानों के लिए बिजली, पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सभी प्रयासों के साथ पंजाब सरकार का लक्ष्य है कि इस बार की फसल खरीद व्यवस्था पहले से अधिक सुव्यवस्थित और किसान हितैषी साबित हो, जिससे राज्य के कृषि क्षेत्र को और मजबूती मिल सके।

