पंजाब में नहर जल उपयोग 28% से बढ़कर 78% पहुंचा, किसानों और स्वास्थ्य योजनाओं से आम जनता को बड़ी राहत मिली।
पंजाब में कृषि और जल प्रबंधन को लेकर एक बड़ी सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। राज्य के कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खड्डियां ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य में नहर जल उपयोग में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिला है।
मंत्री के अनुसार, पिछले चार वर्षों में पंजाब में सिंचाई के लिए नहर जल का उपयोग 28 प्रतिशत से बढ़कर 78 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह बदलाव राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे किसानों की पानी पर निर्भरता और खेती की लागत दोनों में सकारात्मक असर पड़ा है।
उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि के पीछे राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यापक कार्य हैं, जिनमें लगभग 15,000 किलोमीटर लंबी नहरों, शाखाओं और छोटे नहर नेटवर्क—डिस्ट्रिब्यूटरीज और माइनर्स—का सुधार और विस्तार शामिल है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य किसानों को स्थायी और विश्वसनीय सिंचाई सुविधा प्रदान करना है, जिससे कृषि उत्पादन में भी वृद्धि हो सके।
इस अवसर पर गुरमीत सिंह खड्डियां ने ₹2.40 करोड़ की लागत से तैयार विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इन परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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केवल कृषि क्षेत्र ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। मंत्री ने बताया कि ₹10 लाख तक के हेल्थ कार्ड योजना के तहत आम लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। इस योजना के जरिए सूचीबद्ध अस्पतालों में गंभीर बीमारियों, जैसे हृदय रोग, का मुफ्त इलाज संभव हो पाया है, जिससे हजारों परिवारों को आर्थिक सहायता मिली है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस योजना को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पूरी तरह निराधार हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंच रहा है और बड़ी संख्या में लोग इसका फायदा उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नहर जल उपयोग में इस तरह की वृद्धि न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि भूजल स्तर को भी संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे पर्यावरण संरक्षण और दीर्घकालिक जल प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार की ये पहलें किसानों की आय बढ़ाने, जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं।

