Academy of Motion Picture Arts and Sciences ने नए नियम लागू किए, अब भारत एक साल में Best International Feature में दो फिल्में भेज सकता है।
हॉलीवुड के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कार Academy Awards के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, जिसका असर दुनिया भर के फिल्म उद्योग पर पड़ने वाला है। Academy of Motion Picture Arts and Sciences द्वारा घोषित इन नए नियमों के तहत 2027 में होने वाले 99वें ऑस्कर समारोह से कई अहम बदलाव लागू किए जाएंगे, जिनमें अभिनय, लेखन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी से जुड़े बड़े फैसले शामिल हैं। खास बात यह है कि इन बदलावों से भारतीय सिनेमा को सीधा फायदा मिलने जा रहा है।
सबसे बड़ा और चर्चित बदलाव Best International Feature Film कैटेगरी में किया गया है। अब तक किसी भी देश को इस श्रेणी में केवल एक ही फिल्म भेजने की अनुमति होती थी, लेकिन नए नियमों के अनुसार यदि किसी देश की एक फिल्म आधिकारिक रूप से भेजी जाती है और दूसरी फिल्म किसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव—जैसे कान, बर्लिन, वेनिस, टोरंटो या सनडांस—में शीर्ष पुरस्कार जीतती है, तो वह भी ऑस्कर में एंट्री के लिए पात्र होगी। इसका मतलब यह है कि भारत जैसे बड़े फिल्म उद्योग वाले देश अब एक ही साल में दो फिल्मों के साथ इस प्रतिष्ठित श्रेणी में अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकते हैं, जो अब तक संभव नहीं था।
एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब Best International Feature का ऑस्कर देश को नहीं, बल्कि फिल्म के निर्देशक को दिया जाएगा। पहले यह पुरस्कार आधिकारिक तौर पर देश के नाम दर्ज होता था, लेकिन अब इसे व्यक्तिगत स्तर पर निर्देशक की उपलब्धि के रूप में मान्यता दी जाएगी। यह बदलाव फिल्म निर्माताओं को वैश्विक स्तर पर अधिक पहचान दिलाने में मदद करेगा।
अभिनय श्रेणियों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब कोई अभिनेता एक ही कैटेगरी में एक से अधिक फिल्मों के लिए नामांकन प्राप्त कर सकता है, बशर्ते वह शीर्ष पांच में जगह बनाता हो। पहले केवल एक ही प्रदर्शन को मान्यता दी जाती थी, लेकिन अब कलाकारों को उनके कई बेहतरीन कामों के लिए एक साथ सम्मानित किया जा सकता है।
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तकनीकी क्षेत्र में भी Academy of Motion Picture Arts and Sciences ने स्पष्ट किया है कि फिल्मों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को लेकर सख्त नियम लागू होंगे। स्क्रीनप्ले पूरी तरह से मानव द्वारा लिखे जाने चाहिए और यदि किसी फिल्म में जनरेटिव AI का उपयोग किया गया है, तो इसकी जानकारी अकादमी को देनी होगी। यह कदम रचनात्मकता की मौलिकता को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इसके अलावा अन्य श्रेणियों में भी कई बदलाव किए गए हैं। कास्टिंग कैटेगरी में अब अधिकतम तीन कास्टिंग डायरेक्टर को सम्मानित किया जा सकेगा, जबकि सिनेमैटोग्राफी की शॉर्टलिस्ट को 20 फिल्मों तक सीमित कर दिया गया है। विजुअल इफेक्ट्स के लिए सभी वोटर्स को “बिफोर और आफ्टर” प्रेजेंटेशन देखना अनिवार्य होगा, वहीं मेकअप और हेयरस्टाइलिंग कैटेगरी में वोटिंग से पहले विशेष पैनल में भाग लेना जरूरी किया गया है।
ऑस्कर के 100वें संस्करण की तारीख भी तय कर दी गई है, जो 5 मार्च 2028 को आयोजित होगा। इन सभी बदलावों का उद्देश्य फिल्म इंडस्ट्री को आधुनिक तकनीक के साथ संतुलित करते हुए पारदर्शिता और गुणवत्ता को बनाए रखना है।
इन नए नियमों से भारतीय फिल्म उद्योग के लिए नए अवसर खुल गए हैं। अब न केवल अधिक फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर जगह मिल सकेगी, बल्कि भारतीय निर्देशकों को भी व्यक्तिगत पहचान और सम्मान मिलने की संभावना बढ़ेगी। आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत इस नए मौके का किस तरह फायदा उठाता है और क्या वह ऑस्कर मंच पर अपनी मौजूदगी और मजबूत कर पाता है।
