Nirjala Ekadashi 2025: 6 जून को व्रत रखकर करें ये 5 शुभ उपाय, मां लक्ष्मी का मिलेगा आशीर्वाद, पाप होंगे नष्ट और जीवन में आएगी समृद्धि।
Nirjala Ekadashi 2025: इस वर्ष निर्जला एकादशी का व्रत 6 जून 2025 (शुक्रवार) को मनाया जाएगा। यह व्रत सभी 24 एकादशियों में सबसे कठिन और पुण्यदायी माना गया है। इस दिन जल तक का त्याग कर भगवान विष्णु की आराधना करने से समस्त पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
‘निर्जला’ शब्द का अर्थ है ‘बिना जल के’, यानी इस व्रत में न भोजन किया जाता है, न ही जल ग्रहण। ज्येष्ठ माह की गर्मी में यह तपस्या अत्यंत फलदायी मानी जाती है। साथ ही, इस दिन किए गए 5 विशेष कार्य जीवन के समस्त कष्टों से छुटकारा दिलाते हैं।
निर्जला एकादशी 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त
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व्रत तिथि आरंभ: 6 जून 2025, सुबह 2:15 बजे
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व्रत तिथि समाप्त: 7 जून 2025, सुबह 4:47 बजे
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पूजा मुहूर्त: सुबह 5:23 से सुबह 10:36 बजे तक
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व्रत पारण (उपवास समाप्ति): 7 जून, दोपहर 1:44 से शाम 4:31 तक
निर्जला एकादशी पर करें ये 5 शुभ कार्य
1. जल से भरे मटके का दान करें
गर्मी के मौसम में निर्जला एकादशी पर जल का दान विशेष फलदायक होता है। मटके में पानी भरकर गरीबों या ब्राह्मण को दान करें। इससे पितृ दोष, चंद्र दोष और शारीरिक बीमारियों से राहत मिलती है।
2. पीपल का पौधा लगाएं
इस दिन मंदिर परिसर या घर के आसपास पीपल का वृक्ष लगाना राहु-केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करता है। पीपल को जल चढ़ाकर उसकी 108 परिक्रमा करें।
3. घर में श्रीयंत्र की स्थापना करें
श्रीयंत्र को एकादशी या शुक्रवार के दिन घर लाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे घर के पूजाघर में स्थापित करके नियमित पूजा करें। इससे मां लक्ष्मी का वास होता है और आर्थिक संकट दूर होते हैं।
4. धार्मिक वस्तुएं और पीले वस्त्र खरीदें
बृहस्पति ग्रह को मजबूत करने के लिए इस दिन पीले व सफेद वस्त्र, भगवद गीता, रामायण, विष्णु सहस्रनाम, शंख, तुलसी माला, पीतल का कलश आदि खरीदना शुभ होता है।
5. सुगंधित जल से भगवान का अभिषेक करें
गुलाब, मोगरा जैसे फूलों की पंखुड़ियों को जल में मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। यह उपाय वास्तु दोष को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।
निर्जला एकादशी का महत्व
निर्जला एकादशी व्रत का पालन करने से साल भर की सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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