लखनऊ स्थित अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय में NIC-2026 सम्मेलन आयोजित, कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों ने हृदय स्वास्थ्य और स्वस्थ भारत पर किया मंथन।
देश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और हृदय रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लखनऊ में एक महत्वपूर्ण चिकित्सा सम्मेलन का आयोजन किया गया। Cardiological Society of India द्वारा आयोजित NIC-2026 कार्यक्रम में देशभर के प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञों और चिकित्सा पेशेवरों ने भाग लिया।
यह सम्मेलन अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के परिसर में आयोजित किया गया, जहां स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों, शोध और उपचार पद्धतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हृदय रोगों की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी उपचार के उपायों को लेकर जागरूकता बढ़ाना था।
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि एक स्वस्थ नागरिक ही आत्मनिर्भर और मजबूत भारत की नींव रखता है। तेजी से बदलती जीवनशैली, तनाव और असंतुलित खानपान के कारण हृदय रोगों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे निपटने के लिए व्यापक जागरूकता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता है।
also read : दिल्ली विश्वविद्यालय में संवाद और सपनों की नई उड़ान: छात्रों-शिक्षकों के साथ खास मुलाकात ने जगाई ‘नए भारत’ की उम्मीद
विशेषज्ञों ने नई तकनीकों और उन्नत उपचार विधियों पर अपने विचार साझा करते हुए बताया कि समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाकर हृदय रोगों से काफी हद तक बचाव संभव है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं में भी हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया।
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने सम्मेलन को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के बीच सहयोग को भी मजबूत करते हैं।
NIC-2026 सम्मेलन को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो न केवल चिकित्सा विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान करता है, बल्कि आम जनता के बीच भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में सहायक साबित होता है।
अंत में सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की गईं और यह उम्मीद जताई गई कि इस तरह के प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे, जिससे भारत को एक स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र बनाने में मदद मिलेगी।

