गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा बोर्ड गठन और 35% वेतन वृद्धि सहित कई बड़ी घोषणाएं कीं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक जागरूकता एवं सम्मान समारोह में श्रमिकों के हित में कई बड़ी घोषणाएं करते हुए कहा कि प्रदेश में संगठित श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन किया जाएगा। सेक्टर-38 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने श्रमिकों को देश की अर्थव्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में उनकी भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का जो संकल्प लिया गया है, उसे साकार करने में श्रमिक वर्ग की भागीदारी निर्णायक होगी। उन्होंने श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए बताया कि राज्य में न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है, जिससे हरियाणा श्रमिक हितों के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जहां वर्ष 2005 में न्यूनतम वेतन 2,903 रुपये था और 2014 तक यह 6,289 रुपये हुआ, वहीं अब यह बढ़कर 19,425 रुपये तक पहुंच चुका है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण की 29 योजनाओं के तहत 34,197 लाभार्थियों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 40 करोड़ रुपये की राशि भी हस्तांतरित की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने ई-श्रम पोर्टल का उल्लेख करते हुए बताया कि यह प्लेटफॉर्म श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस पोर्टल पर हरियाणा के लाखों श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं और पंजीकरण करने पर उन्हें प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। उन्होंने सभी से अपील की कि अधिक से अधिक श्रमिक इस पोर्टल से जुड़ें, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
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स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि ईएसआई योजना पूरे प्रदेश में लागू की गई है और इसके तहत श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। साथ ही ‘सुरक्षित श्रमिक स्वास्थ्य सिस्टम’ के तहत उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों की हर वर्ष मुफ्त स्वास्थ्य जांच की जाएगी। मानेसर स्थित ईएसआई अस्पताल का विस्तार कर उसे 200 बेड का किया जा रहा है और वहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना भी की जाएगी।
कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी श्रमिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी देश की प्रगति में श्रमिकों की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार श्रमिकों के जीवन में वास्तविक सुधार लाने के लिए लगातार प्रयासरत है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
इस दौरान श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी कई अन्य योजनाओं की भी जानकारी दी गई, जिनमें शिक्षा सहायता, मातृत्व लाभ, कन्यादान योजना और दुर्घटना या विकलांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता शामिल हैं। कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे और मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा।
यह आयोजन न केवल श्रमिकों के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि उनके अधिकारों, सुरक्षा और भविष्य को लेकर सरकार की गंभीरता को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री के इस ऐलान से प्रदेश के लाखों श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और बेहतर जीवन स्तर की दिशा में नई उम्मीद मिली है।

