दिल्ली में आयोजित ‘नारी उत्सव’ में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में नारी शक्ति की भूमिका पर जोर दिया गया।
दिल्ली में आयोजित ‘नारी उत्सव’ कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति की भूमिका को लेकर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि कर्तव्य, निस्वार्थ समर्पण और सेवा जैसे मूल्यों से ही राष्ट्र की दिशा तय होती है और इन मूल्यों का सजीव उदाहरण नारी शक्ति है।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि आज की नारी केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह गांवों के उद्यम से लेकर वैश्विक कॉरपोरेट जगत, जनसेवा से लेकर रक्षा क्षेत्र तक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
‘विकसित भारत 2047’ में नारी शक्ति की भूमिका
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की नारी शक्ति परिवर्तन की अग्रदूत बन चुकी है। महिलाएं देश को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाने में अहम योगदान दे रही हैं।
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महिलाओं के लिए विभिन्न योजनाएं
दिल्ली में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं:
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आंगनवाड़ी क्रेच सेंटर
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सहेली पिंक कार्ड योजना
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लखपति बिटिया योजना
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कोलैटरल-फ्री लोन सुविधा
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सुरक्षित कार्य वातावरण के लिए पहल
इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के स्तर पर मजबूत बनाना है।
आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास पर जोर
कार्यक्रम में कहा गया कि हर महिला और बेटी को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
नारी शक्ति ही राष्ट्र की ताकत
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है, तो राष्ट्र भी नई ऊंचाइयों को छूता है। महिला सशक्तिकरण ही विकसित भारत और विकसित दिल्ली की सबसे मजबूत नींव है।

