केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने करनाल में दिशा बैठक में 23 योजनाओं की समीक्षा कर पारदर्शी क्रियान्वयन और अधिकतम लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामलों के मंत्री और करनाल सांसद मनोहर लाल ने करनाल में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाए।
23 योजनाओं की समीक्षा, 11 विभाग शामिल
लघु सचिवालय में हुई इस बैठक में मंत्री ने 11 विभागों की 23 प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को बेहतर क्रियान्वयन के लिए ठोस दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि केवल आंकड़े प्रस्तुत करने के बजाय अधिकारी व्यवहारिक और प्रभावी योजनाओं के साथ काम करें तथा समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव भी दें।
कृषि क्षेत्र पर विशेष जोर
कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि:
- ‘मेरी फसल, मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर 100% पंजीकरण सुनिश्चित हो
- मिश्रित फसल और खाली जमीन का भी डेटा दर्ज किया जाए
- हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक किसान मेला आयोजित हो
उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीक और नए बीजों की जानकारी देने पर जोर दिया।
also read : कांग्रेस-AAP पर सैनी का हमला: ‘अंदरखाते गठबंधन’, बोले—पंजाब में भाजपा को सत्ता देने का मन बना चुकी जनता
रोजगार और सुविधाओं के लिए वीटा बूथ
मनोहर लाल ने कहा कि जिले में अधिक से अधिक वीटा बूथ स्थापित किए जाएं, जिससे:
- युवाओं को रोजगार मिलेगा
- लोगों को घर के पास ही डेयरी उत्पाद उपलब्ध होंगे
स्वच्छता में उत्कृष्ट पंचायतों को सम्मान
बैठक के दौरान स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों के सरपंचों को प्रशंसा पत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
पेट्रोल-गैस पर स्थिति स्पष्ट
मीडिया से बातचीत में मंत्री ने पेट्रोल और गैस को लेकर किसी भी कमी की आशंका को खारिज करते हुए कहा कि:
- देश में आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सामान्य है
- वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन का जिक्र करते हुए कहा कि देश हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
निष्कर्ष
करनाल में हुई दिशा बैठक में दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि सरकार योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जनभागीदारी को प्राथमिकता दे रही है, ताकि हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी लाभ समय पर पहुंच सके।

