लखनऊ में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन, ग्रोथ डिवाइस और नियुक्ति पत्र वितरण के साथ 450 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ।
देश को सुपोषित, साक्षर और सशक्त बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए लखनऊ में एक बड़ा आंगनवाड़ी सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हजारों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को तकनीकी संसाधन और नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
हजारों कार्यकर्ताओं को मिला लाभ
कार्यक्रम के दौरान:
- 69,804 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित किए गए
- 2 लाख से अधिक ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस उपलब्ध कराए गए
- 18,440 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए
इस पहल का उद्देश्य बाल और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है, ताकि पोषण और विकास की बेहतर निगरानी हो सके।
450 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ
कार्यक्रम में ₹450 करोड़ से अधिक की लागत से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया, जिनमें शामिल हैं:
- 3,170 आंगनवाड़ी केंद्र भवन
- 140 बाल विकास परियोजना कार्यालय भवन
इन परियोजनाओं से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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सुपोषण और सशक्तिकरण पर जोर
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि यदि बच्चा सुपोषित और मां स्वस्थ होगी, तो देश को सशक्त और साक्षर बनने से कोई नहीं रोक सकता।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को देश के भविष्य के निर्माण में अहम बताते हुए उन्हें इस जिम्मेदारी को और बेहतर तरीके से निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
यह पहल न केवल बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को मजबूत करेगी, बल्कि हजारों महिलाओं को रोजगार और सशक्तिकरण का अवसर भी प्रदान करेगी।
निष्कर्ष
लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम भारत के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सुपोषण, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को एक साथ आगे बढ़ाने का कार्य करेगा।

