Last Sawan 2025: 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन और आखिरी सावन का दुर्लभ संयोग है। इस दिन किए गए विशेष उपायों से शिवजी की कृपा प्राप्त होती है और पापों से मुक्ति मिलती है। जानें आखिरी सावन पर कौन से उपाय करें, शिव पूजा और महामृत्युंजय मंत्र का महत्व।
Last Sawan 2025: 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन और आखिरी सावन का अद्भुत संयोग है। इस खास दिन पर किए गए उपायों से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, और जीवन में सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं। इस दिन विशेष रूप से शिवजी की पूजा करना पापों से मुक्ति और कल्याण के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
धार्मिक महत्व
शिव पुराण के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। आखिरी सावन के दिन किए गए उपायों से व्यक्ति को विशेष लाभ मिलता है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र और गंगाजल अर्पित करने से जन्मों-जन्मांतर के पाप समाप्त हो जाते हैं।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप
पद्म पुराण में उल्लेखित है कि इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है और जीवन में हर तरह की कठिनाई समाप्त होती है।
आखिरी सावन का ज्योतिषीय महत्व
9 अगस्त 2025 को आखिरी सावन और रक्षाबंधन का संगम एक दुर्लभ और अद्भुत अवसर है। इस दिन नियमपूर्वक शिवजी की पूजा से चंद्रमा की शीतलता और सूर्य का तेज मिलता है। इसके अलावा, कुंडली में कालसर्प दोष और पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए यह दिन सर्वोत्तम माना जाता है।
आखिरी सावन पर करें ये विशेष उपाय:
-
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें: ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके सफेद या पीले रंग के वस्त्र पहनें।
-
शिवलिंग पर पूजा: मंदिर में शिवलिंग के सामने पूजा का संकल्प लें।
-
अभिषेक करें: शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से अभिषेक करें।
-
बेलपत्र अर्पित करें: 11 बेलपत्रों पर “ऊं नम शिवाय” लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करें।
-
मंत्र जाप करें: 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
-
रक्षाबंधन पर उपहार दें: बहन को सफेद या पीले रंग का उपहार दें।
-
दान करें: गरीबों को मिठाई और कपड़े का दान करें।
आखिरी सावन की पौराणिक कथा
9 अगस्त 2025 को आखिरी सोमवार है, जो बहुत पवित्र माना जाता है। इस दिन माता पार्वती ने शिवजी को प्रसन्न करने के लिए कठोर व्रत किया और उनसे अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त किया था। तभी से यह दिन हर व्यक्ति के लिए कल्याणकारी माना जाता है।
रक्षाबंधन और आखिरी सावन का यह संगम रिश्तों में मिठास, जीवन में शांति, और पापों से मुक्ति का श्रेष्ठ अवसर है। ऐसे में श्रद्धा और विधि से शिव पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति मिलती है।

