करनाल में राष्ट्रीय डेयरी मेला एवं किसान एक्सपो 2026 में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि 2047 तक किसानों की आय चार गुना करने और जैविक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि वर्ष 2047 तक किसानों की आय चार गुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही कृषि योग्य भूमि के 20 प्रतिशत हिस्से पर जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
कृषि मंत्री शनिवार को करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय डेयरी मेला एवं किसान एक्सपो 2026 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता किसानों और श्रेष्ठ पशुओं को सम्मानित किया तथा मेले में लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आय
श्याम सिंह राणा ने कहा कि इस प्रकार के कृषि मेले किसानों को नई तकनीक, बेहतर नस्ल के पशु और आधुनिक खेती के तरीकों से परिचित कराते हैं, जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की संस्कृति में दूध-दही और पशुपालन का विशेष महत्व है और प्रदेश की देसी नस्लें, खासकर मुर्रा भैंस और देसी गाय, दूध उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
उन्होंने किसानों से बेहतर नस्ल के पशु पालने और डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया, ताकि खेती के साथ-साथ पशुपालन से भी आय बढ़ाई जा सके।
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आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील
कृषि मंत्री ने किसानों से कहा कि बदलते समय के साथ खेती के तरीकों में भी बदलाव जरूरी है। उन्होंने स्प्रिंकलर और आधुनिक सिंचाई प्रणालियों को अपनाने की सलाह दी, जिससे पानी और खाद दोनों की बचत होगी और उत्पादन लागत कम होगी।
उन्होंने रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से बचने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और खेती की लागत कम होगी।
किसानों के हित में चल रही कई योजनाएं
मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही हैं। आज किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
उन्होंने किसानों से वैज्ञानिकों की सलाह और आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे खेती और पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है और देश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

