रणबीर गंगवा ने हरियाणा में जल आपूर्ति सुधार के लिए फिल्टर जांच और तैयारियों के निर्देश दिए, साथ ही भगवंत मान पर पानी को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।
हरियाणा सरकार ने आगामी गर्मी और मानसून सीजन को देखते हुए पेयजल आपूर्ति को लेकर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी जलघरों में लगे फिल्टरों की व्यापक जांच कर रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत की जाए। उन्होंने साफ कहा कि पेयजल व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चंडीगढ़ सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान रणबीर गंगवा ने गर्मी के मौसम में पानी की संभावित कमी से निपटने के लिए पहले से तैयारी करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नहर बंदी के दौरान जल संकट से बचने के लिए पर्याप्त स्टोरेज और वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें इंजीनियर-इन-चीफ और विभिन्न जिलों के अधिकारी शामिल थे, ने वर्ष 2026-27 के बजट में 20 प्रतिशत वृद्धि और संचालन एवं रखरखाव नीति को मंजूरी मिलने पर सरकार का आभार जताया। मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है और इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। गांवों में जाकर लोगों से सीधे संवाद कर पानी की उपलब्धता और निकासी व्यवस्था की जानकारी ली जाए। इसके अलावा नए ट्यूबवेल, बूस्टिंग स्टेशन और नहर आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।
रणबीर गंगवा ने स्पष्ट किया कि जल भंडारण, फिल्टर बेड की सफाई, पाइपलाइन लीकेज और टैंकों के रखरखाव जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही वाटर वर्क्स पर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल आपूर्ति की निगरानी के लिए व्हाट्सएप समूह बनाए जाएं, जिससे जानकारी का तेजी से आदान-प्रदान हो सके। जहां पानी की कमी हो, वहां टैंकरों के माध्यम से आपूर्ति सुनिश्चित करने और इसके लिए पहले से टेंडर प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।
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मानसून को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने बाढ़ प्रबंधन और जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी नालों की समय पर सफाई, खुले मैनहोल को ढकने और सुरक्षा उपकरणों के बिना कार्य न करने के निर्देश दिए। साथ ही डीजी सेट और पंपिंग मशीनरी की पूरी तैयारी रखने को कहा गया, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
बैठक के दौरान पिछली बार जिन जिलों में जलभराव और दूषित पेयजल की शिकायतें आई थीं, उन पर भी चर्चा हुई और अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान रणबीर गंगवा ने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भगवंत मान को पानी के मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए और जनता को गुमराह करने वाली बयानबाजी से बचना चाहिए। गंगवा ने दावा किया कि हरियाणा ने अपने हिस्से का केवल 70 प्रतिशत पानी ही इस्तेमाल किया है और राज्य जल प्रबंधन को लेकर पूरी तरह जिम्मेदारी से काम कर रहा है।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार की यह समीक्षा बैठक आने वाले गर्मी और मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे प्रदेशवासियों को बेहतर और निर्बाध पेयजल सुविधा मिल सकेगी।

