हरियाणा में गर्मियों से पहले जलघरों के फिल्टर जांच, स्टोरेज और जल आपूर्ति सुधार के लिए मंत्री रणबीर गंगवा के सख्त निर्देश।
हरियाणा में आने वाले गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पेयजल व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री Ranbir Gangwa ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि प्रदेशभर के सभी जलघरों में लगे फिल्टरों की व्यापक जांच की जाए और इसकी विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत की जाए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि गर्मियों के दौरान पानी की बढ़ती मांग और संभावित नहर बंदी को देखते हुए अभी से जल भंडारण (स्टोरेज) और वैकल्पिक जल आपूर्ति व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते तैयारी नहीं की गई तो कई क्षेत्रों में पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को मिशन मोड में काम करना होगा।
बैठक के दौरान मंत्री ने जल आपूर्ति प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पाइपलाइन में होने वाले लीकेज को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके और हर घर तक पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच सके। इसके साथ ही उन्होंने जल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग पर भी बल दिया।
रणबीर गंगवा ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक तक स्वच्छ, सुरक्षित और निरंतर पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए जरूरी है कि जलघरों की सफाई, फिल्टर बेड की मेंटेनेंस और पानी के टैंकों की नियमित जांच की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पानी की कमी की संभावना है, वहां पहले से वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखी जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत आपूर्ति की जा सके।
also read : टिहरी में 25वीं अखिल भारतीय पुलिस वाटर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का भव्य उद्घाटन, खेलों से युवाओं में बढ़ा जोश
इसके अलावा, उन्होंने मानसून से पहले नालों की डी-सिल्टिंग (गाद निकालने) के कार्य को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि यदि नालों की सफाई समय पर नहीं की गई तो बरसात के दौरान जलभराव की समस्या बढ़ सकती है, जिससे आम जनता को परेशानी होगी।
मंत्री ने अधिकारियों को यह भी हिदायत दी कि वे फील्ड में सक्रिय रहकर जमीनी स्तर पर समस्याओं की निगरानी करें और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पेयजल से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और हर गांव तथा शहर में जल आपूर्ति की स्थिति पर नियमित नजर रखी जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सख्त निर्देश और समय रहते की गई तैयारी से हरियाणा में गर्मियों के दौरान जल संकट की स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही, इससे राज्य में जल प्रबंधन प्रणाली को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार की यह पहल न केवल तत्काल चुनौतियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य में बेहतर और टिकाऊ जल आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है।

