हरियाणा सरकार ने आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 के तहत कार्यरत कर्मचारियों की अनुबंध अवधि 30 जून 2026 तक बढ़ाकर हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है।
हरियाणा सरकार ने आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत कार्यरत हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके अनुबंध कार्यकाल में विस्तार करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 के अंतर्गत विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारियों की अनुबंध अवधि अब 30 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है।
सरकार के इस फैसले से लंबे समय से नौकरी सुरक्षा को लेकर चिंता में चल रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार का कहना है कि यह निर्णय कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि सेवाओं में निरंतरता बनी रहे और प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।
तीन महीने का मिला अतिरिक्त विस्तार
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, पहले इन कर्मचारियों की अनुबंध अवधि 30 मार्च 2026 तक निर्धारित थी। अब इसे बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह विस्तार सेवा सुरक्षा अधिनियम 2024 के पोर्टल के पूरी तरह क्रियाशील होने तक लागू रहेगा या फिर 30 जून तक, जो भी पहले होगा।
सरकार के इस निर्णय को लाखों परिवारों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है क्योंकि आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से सेवा विस्तार और नौकरी सुरक्षा की मांग कर रहे थे।
विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं हजारों कर्मचारी
हरियाणा में आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत बड़ी संख्या में कर्मचारी विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत हैं। इनमें तकनीकी कर्मचारी, डाटा प्रबंधन कर्मचारी, कार्यालय सहायक, स्वास्थ्य कर्मी और अन्य श्रेणियों के कर्मचारी शामिल हैं।
इन कर्मचारियों की सेवाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ली जा रही हैं। ऐसे में अनुबंध अवधि बढ़ाने के फैसले को प्रशासनिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
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एचकेआरएन की शर्तें रहेंगी लागू
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और शर्तों का सख्ती से पालन किया जाएगा। 25 मार्च 2025 को जारी ज्ञापन में जो नियम निर्धारित किए गए थे, वे आगे भी लागू रहेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, सेवा विस्तार का उद्देश्य केवल कर्मचारियों को राहत देना ही नहीं बल्कि कार्य प्रणाली में स्थिरता बनाए रखना भी है। सरकार चाहती है कि जब तक नई प्रणाली पूरी तरह लागू नहीं हो जाती, तब तक कर्मचारियों की सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहें।
कर्मचारियों में खुशी का माहौल
सरकार के इस फैसले के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। कई कर्मचारी संगठन लंबे समय से अनुबंध अवधि बढ़ाने और स्थायी समाधान की मांग कर रहे थे।
कर्मचारियों का कहना है कि नौकरी की अनिश्चितता के कारण उनके सामने आर्थिक और पारिवारिक समस्याएं खड़ी हो रही थीं। अब सरकार के इस फैसले से उन्हें कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली है।
सेवा सुरक्षा अधिनियम पर टिकी निगाहें
राज्य सरकार द्वारा लागू किए जा रहे सेवा सुरक्षा अधिनियम 2024 को लेकर भी कर्मचारियों की निगाहें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि पोर्टल पूरी तरह शुरू होने के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था लागू की जा सकती है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस नई प्रणाली का उद्देश्य भर्ती और सेवा प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। हालांकि कर्मचारी संगठन स्थायी नौकरी सुरक्षा और नियमितीकरण की मांग भी लगातार उठा रहे हैं।
विपक्ष और कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया
सरकार के इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि केवल अनुबंध अवधि बढ़ाना पर्याप्त नहीं है और कर्मचारियों को स्थायी समाधान मिलना चाहिए।
वहीं कर्मचारी संगठनों ने सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह सकारात्मक कदम है, लेकिन भविष्य में कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा और वेतन संबंधी मुद्दों पर भी ठोस नीति बनाई जानी चाहिए।
प्रशासनिक कामकाज पर पड़ेगा सकारात्मक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अनुबंध अवधि बढ़ाने से सरकारी विभागों में कार्य प्रभावित नहीं होंगे और प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहेगी। बड़ी संख्या में विभाग आउटसोर्स कर्मचारियों पर निर्भर हैं, ऐसे में सेवा विस्तार का फैसला प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने में मददगार साबित हो सकता है।
सरकार ने कर्मचारियों के हित में बताया फैसला
हरियाणा सरकार ने कहा है कि राज्य के कर्मचारियों और आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक सेवाओं को प्रभावी बनाए रखना और कर्मचारियों को अनावश्यक असमंजस से बाहर निकालना है।
आने वाले समय में सेवा सुरक्षा अधिनियम और नई भर्ती प्रणाली को लेकर सरकार की अगली रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है।

