हरियाणा सरकार ने भूमि अभिलेखों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकारी भूमि की जमाबंदी प्रविष्टियों में एक समान नामकरण लागू करने का निर्णय लिया है।
हरियाणा सरकार ने भूमि प्रशासन में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने के उद्देश्य से भूमि अभिलेखों में एक महत्वपूर्ण सुधार लागू करने की दिशा में कदम उठाया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सरकारी भूमि से संबंधित जमाबंदी अभिलेखों में एक समान नामकरण लागू करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि इस पहल से भूमि स्वामित्व से जुड़ी अस्पष्टताओं को दूर करने में मदद मिलेगी और सार्वजनिक भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा वर्ष 2021 में जारी निर्देशों के अनुरूप यह पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य राज्य सरकार, केंद्र सरकार, बोर्डों और निगमों, पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों की भूमि से संबंधित प्रविष्टियों को व्यवस्थित करना है।
जमाबंदी में स्वामित्व प्रविष्टियां होंगी स्पष्ट
डॉ. मिश्रा ने कहा कि कई बार जमाबंदी के स्वामित्व कॉलम में अलग-अलग शब्दों के उपयोग से वास्तविक स्वामित्व को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी लागू हो, सभी प्रविष्टियों को “हरियाणा सरकार” के नाम से दर्ज किया जाए।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के विभागों से संबंधित भूमि में स्वामित्व कॉलम में “हरियाणा सरकार” दर्ज होगा, जबकि खेती या उपयोग से जुड़े कॉलम में संबंधित विभाग का नाम लिखा जाएगा, ताकि रिकॉर्ड में स्पष्टता बनी रहे।
केंद्र, पंचायत और शहरी निकायों की भूमि के लिए अलग प्रविष्टियां
निर्देशों के अनुसार, केंद्रीय सरकार की भूमि को जमाबंदी में “केंद्रीय सरकार” के रूप में दर्ज किया जाएगा और उपयोग कॉलम में संबंधित विभाग का उल्लेख किया जाएगा। इसी तरह राज्य के बोर्डों और निगमों की संपत्तियों में स्वामित्व कॉलम में संबंधित संस्था का नाम दर्ज किया जाएगा।
ग्राम पंचायतों की भूमि को पंचायत स्वामित्व के तहत दर्ज किया जाएगा, जबकि पंचायत समितियों, जिला परिषदों और शहरी स्थानीय निकायों जैसे नगर परिषद, नगर निगम और नगर समितियों की संपत्तियों में संबंधित निकाय का सटीक नाम दर्ज किया जाएगा।
नियमावली के अनुसार ही होंगे सभी संशोधन
डॉ. सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वामित्व प्रविष्टियों में किए जाने वाले सभी सुधार हरियाणा भूमि अभिलेख नियमावली, 2013 के प्रावधानों के अनुसार ही किए जाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खेती संबंधी कॉलम में निजी व्यक्तियों से संबंधित किसी भी प्रविष्टि को उचित कानूनी प्रक्रिया के बिना नहीं बदला जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस एक समान नामकरण नीति के लागू होने से भूमि अभिलेखों में स्पष्टता बढ़ेगी, भूमि विवादों की संभावनाएं कम होंगी और सरकारी भूमि के प्रबंधन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही को और अधिक मजबूती मिलेगी।

