सीएम नायब सिंह सैनी ने श्रम विभाग में अनियमितताओं पर कार्रवाई करते हुए 3 निरीक्षकों और एक पटवारी को निलंबित किया, जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बनी।
हरियाणा में श्रम विभाग से जुड़ी अनियमितताओं पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सख्त रुख अपनाते हुए 3 श्रम निरीक्षकों और एक पटवारी को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी है।
कई अधिकारियों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि
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3 श्रम निरीक्षक और 1 पटवारी निलंबित किए गए
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6 ग्राम सचिव, 1 कनिष्ठ अभियंता और 1 पंचायत अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई प्रक्रियाधीन है
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
मामला कैसे सामने आया
यह मामला हरियाणा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की बैठक में सामने आया, जहां
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श्रमिकों के पंजीकरण के लिए जमा कार्य पर्चियों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मामले को छिपाने के बजाय तुरंत कार्रवाई की।
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बड़े स्तर पर जांच
सरकार द्वारा सभी जिलों में कार्य पर्चियों की दोबारा जांच कराई गई, जिसमें
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21.78 लाख से अधिक पर्चियों की जांच की गई
प्रारंभिक जांच में मिली गड़बड़ियों के आधार पर कार्रवाई जारी है।
हाई लेवल जांच समिति का गठन
मामले की गहराई से जांच के लिए
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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है
यह समिति जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
योजनाओं पर अस्थायी रोक
अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार ने
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कुछ कल्याणकारी योजनाओं के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) पर अस्थायी रोक लगाई है
हालांकि, पेंशन और दुर्घटना सहायता जैसी आवश्यक योजनाएं जारी रहेंगी।
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि हरियाणा सरकार
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भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है
उन्होंने कहा कि जिन श्रमिकों के दस्तावेज सही पाए जाएंगे, उन्हें योजनाओं का लाभ जारी रखा जाएगा।
सख्त संदेश
इस कार्रवाई को सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।

