CM नायब सिंह सैनी ने हरियाणा को उद्योगों के लिए बेहतर राज्य बताते हुए निवेश और रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया
हरियाणा को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक नई रणनीतिक पहल तेज कर दी है। नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार एक व्यापक और भविष्य उन्मुख औद्योगिक नीति पर काम कर रही है, जिसमें उद्योग जगत के सुझावों को भी शामिल किया जा रहा है ताकि नीति व्यावहारिक और प्रभावी बन सके।
चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर आवास पर आयोजित एक विशेष बैठक में मुख्यमंत्री ने पंजाब से आए उद्योगपतियों के साथ संवाद करते हुए उन्हें हरियाणा में निवेश के लिए खुला आमंत्रण दिया। इस बैठक का उद्देश्य राज्यों के बीच औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना और साझा विकास के अवसरों को बढ़ावा देना था। उद्योगपतियों ने भी राज्य की नीतियों, कनेक्टिविटी और “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” सुधारों की सराहना करते हुए निवेश की संभावनाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा आज देश के सबसे तेजी से विकसित होते राज्यों में शामिल है और मजबूत सड़क नेटवर्क, राष्ट्रीय राजमार्गों तथा इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) जैसी परियोजनाओं के कारण उद्योगों के लिए एक आदर्श गंतव्य बन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होती है और उद्योगों को तेजी से विस्तार करने में मदद मिलती है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण पर भी समान ध्यान दे रही है। युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि “बिना पर्ची, बिना खर्ची” के आधार पर सरकारी नौकरियां देने की नीति ने युवाओं का भरोसा बढ़ाया है, जिसके परिणामस्वरूप हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा संघ लोक सेवा आयोग जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाना बेहद जरूरी है, ताकि वे नशे जैसी सामाजिक समस्याओं से दूर रह सकें। उन्होंने कहा कि रोजगार और खेल जैसी गतिविधियां युवाओं को सशक्त बनाती हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाती हैं। सरकार इस दिशा में बहुआयामी प्रयास कर रही है, जिसमें रोजगार सृजन, स्वास्थ्य और जागरूकता अभियान शामिल हैं।
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इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने हरियाणा के विदेश सहयोग विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ तालमेल स्थापित कर रही है। इससे उद्योगों की लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने में मदद मिल रही है। उन्होंने जानकारी दी कि हरियाणा के युवाओं को इजराइल, जर्मनी सहित कई देशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जहां वे अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि अफ्रीकी देशों के साथ व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें माइनिंग, कृषि, प्लाइवुड और आईटी जैसे क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। भारत सरकार के सहयोग से तंजानिया में एक लाख एकड़ भूमि से संबंधित एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो भविष्य में बड़े निवेश और व्यापारिक विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगा।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में उद्योग जगत की महत्वपूर्ण भूमिका है और सभी के संयुक्त प्रयासों से हरियाणा को औद्योगिक विकास के नए आयामों तक पहुंचाया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह पहल हरियाणा को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाने और राज्य के आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में रोजगार, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है।

