हरियाणा सरकार ने 63 IAS और HCS अधिकारियों के तबादले कर कई अहम पदों पर नई नियुक्तियां कीं, प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव।
हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए 63 आईएएस और एचसीएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। इस व्यापक फेरबदल को प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और गतिशील बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
IAS अधिकारियों में बड़े बदलाव
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं:
- अमित कुमार अग्रवाल (2003) को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का सदस्य सचिव
- गीता भारती (2005) को हिसार मंडल आयुक्त
- रवि प्रकाश गुप्ता (2007) को गुरुग्राम मंडल आयुक्त और शहरी संपदा विभाग का सचिव
- नरहरी सिंह बांगड़ (2011) को कंफेड का प्रबंध निदेशक
- सत्येंद्र दुहन (2018) को कौशल विकास विभाग का निदेशक
- सतबीर सिंह (2018) को फायर सर्विसेज निदेशक व आयुष्मान भारत के CEO
- वंदना दिसोदिया (2018) को गृह विभाग में अतिरिक्त सचिव
इसके अलावा कई युवा आईएएस अधिकारियों को एडीसी, डीसीआरआईओ और एसडीओ (सिविल) जैसे अहम प्रशासनिक पदों पर नियुक्त किया गया है, जिससे जिला स्तर पर प्रशासन को मजबूत किया जाएगा।
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जिला और फील्ड स्तर पर नई तैनाती
राज्य के कई जिलों में प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं:
- फरीदाबाद, पानीपत, सिरसा, नूंह, करनाल और हिसार में नए ADC-cum-DCRIO
- झज्जर, अंबाला, महेंद्रगढ़ सहित कई जगह नए SDO (सिविल)
- शहरी निकायों और विकास प्राधिकरणों में भी नए अधिकारी तैनात
इन नियुक्तियों का उद्देश्य स्थानीय प्रशासन को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाना है।
42 HCS अधिकारियों के भी तबादले
आईएएस के साथ-साथ 42 एचसीएस अधिकारियों का भी बड़े पैमाने पर ट्रांसफर किया गया है।
मुख्य बदलाव:
- कमलप्रीत कौर को कौशल विकास विभाग में अतिरिक्त निदेशक
- पूजा चांवरिया को नगर निगम गुरुग्राम में अतिरिक्त आयुक्त
- अजय चोपड़ा को सोनीपत ADC-cum-DCRIO
- निर्मल नागर को महेंद्रगढ़ जिला परिषद CEO
- परमजीत चाहल को नगर निगम फरीदाबाद में अतिरिक्त आयुक्त
इसके अलावा कई अधिकारियों को:
- जिला नगर आयुक्त
- शुगर मिल्स के प्रबंध निदेशक
- एस्टेट ऑफिसर
- सिटी मजिस्ट्रेट
- एसडीओ (सिविल)
जैसे पदों पर नियुक्त किया गया है।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम
सरकार का मानना है कि इस बड़े स्तर के फेरबदल से:
- प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी
- जवाबदेही बढ़ेगी
- योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा
- जिला स्तर पर सेवा वितरण मजबूत होगा
निष्कर्ष
हरियाणा सरकार का यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल राज्य के शासन ढांचे को अधिक कुशल, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इसका सीधा असर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता पर देखने को मिल सकता है।

