CM नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 41 गैस सर्किट ब्रेकर खरीद और हिसार में मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के लिए सलाहकार नियुक्ति को मंजूरी।
हरियाणा में बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। चंडीगढ़ में हुई इस बैठक में तीन महत्वपूर्ण एजेंडे रखे गए, जिनमें से दो को अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई। इन फैसलों को राज्य में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
बैठक में हरियाणा बिजली वितरण निगम के 220 केवी ट्रांसफार्मरों के लिए एसएफ-6 गैस सर्किट ब्रेकर की खरीद को मंजूरी दी गई। इसके तहत कुल 41 गैस सर्किट ब्रेकर खरीदे जाएंगे, जिन पर लगभग 918.4 लाख रुपये की लागत आएगी। इस निर्णय का उद्देश्य आपात स्थितियों में भी बिजली आपूर्ति को बाधित होने से बचाना और ट्रांसफार्मरों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाना है। विशेषज्ञों के अनुसार, गैस सर्किट ब्रेकर आधुनिक बिजली वितरण प्रणाली का अहम हिस्सा होते हैं, जो किसी भी तकनीकी खराबी के दौरान तुरंत बिजली आपूर्ति को नियंत्रित कर नुकसान को कम करते हैं।
इसके साथ ही बैठक में हिसार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। इस परियोजना के लिए एक सलाहकार की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है, जो नए औद्योगिक शहरों के विकास और प्रबंधन के लिए प्रोग्राम मैनेजर के रूप में कार्य करेगा। यह सलाहकार अगले तीन वर्षों तक इस परियोजना की निगरानी करेगा और सुनिश्चित करेगा कि विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हों। इस कदम से हिसार को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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सरकार का मानना है कि इस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के विकसित होने से क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह परियोजना हरियाणा को औद्योगिक क्षेत्र में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव जी अनुपमा, आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, महानिदेशक उद्योग एवं वाणिज्य डॉ. यश गर्ग और एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुशील सारवान शामिल थे। सभी अधिकारियों ने इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और राज्य के विकास को नई गति देने पर जोर दिया।
कुल मिलाकर, नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई यह बैठक हरियाणा में बिजली ढांचे को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में इन फैसलों का असर राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों पर सकारात्मक रूप से देखने को मिल सकता है।

