हरियाणा सरकार ने अस्पतालों में दवाओं का रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने और बाहर की दवा लिखने पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए सभी सरकारी अस्पतालों में दवाओं का रियल टाइम सेंट्रलाइज्ड रिकॉर्ड सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी डॉक्टर ने उपलब्ध दवाओं के बावजूद बाहर की दवा लिखी, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रियल टाइम मॉनिटरिंग से खत्म होगी दवा की कमी
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि हर अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का डेटा एक केंद्रीकृत पोर्टल पर अपडेट होगा। डॉक्टरों को पहले से यह जानकारी दी जाएगी कि अस्पताल में कौन सी दवा उपलब्ध है, ताकि मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की जरूरत न पड़े।
यदि किसी स्थिति में दवा उपलब्ध नहीं है, तो डॉक्टर को ओपीडी पर्ची पर इसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा।
सीएमओ की जवाबदेही तय
सरकार ने दवा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सीएमओ (सिविल सर्जन) की जिम्मेदारी तय की है। उन्हें पहले से दवाओं की मांग और आपूर्ति का समन्वय करना होगा ताकि किसी अस्पताल में कमी न हो।
आधुनिक सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के निर्देश देते हुए कहा कि:
- सभी अस्पतालों में CT स्कैन, MRI जैसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध हों
- 10 जिलों में यह कार्य पूरा हो चुका है
- बाकी 12 जिलों में जल्द सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं
इससे मरीजों को जांच के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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डॉक्टर और स्टाफ की कमी दूर करने के निर्देश
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या के अनुसार डॉक्टर, नर्स और स्टाफ की पर्याप्त तैनाती हो। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर नियुक्ति भी की जाएगी।
खरीद प्रक्रिया होगी पारदर्शी
दवाओं और उपकरणों की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि:
- खरीद में देरी बिल्कुल स्वीकार्य नहीं होगी
- गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन किया जाए
- 1 साल के लिए पैनल सिस्टम लागू किया जाए
साफ-सफाई और मरीज सुविधा पर फोकस
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में स्वच्छता, बेहतर व्यवहार और मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। साथ ही फीडबैक सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए गए ताकि सेवाओं में लगातार सुधार हो सके।
आपात स्थिति के लिए भी तैयारी
बैठक में दवा स्टॉक, एंबुलेंस ईंधन, अस्पतालों में भोजन व्यवस्था और एलपीजी सप्लाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए हैं।
निष्कर्ष
हरियाणा सरकार का यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। रियल टाइम दवा ट्रैकिंग और सख्त निगरानी से मरीजों को बेहतर और सस्ता इलाज मिल सकेगा।

