हरियाणा सरकार का बड़ा शिक्षा सुधार अभियान, सरकारी स्कूलों के लिए तैयार हुआ नया रोडमैप
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए व्यापक रोडमैप तैयार किया है। सरकार का लक्ष्य राज्य के राजकीय स्कूलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना और प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में शिक्षा मंत्री Mahipal Dhanda ने अधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नई कार्ययोजना पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं।
चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश के अंतिम पायदान पर खड़े विद्यार्थी तक बेहतर शिक्षा और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण पहुंचाना है।
बैठक में Aparajita द्वारा कैथल जिले के कई सरकारी स्कूलों में शुरू की गई ‘Stumble Lab’ पहल का प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। इस मॉडल को शिक्षा सुधार की दिशा में एक अभिनव प्रयोग माना जा रहा है, जिसके जरिए विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच और व्यावहारिक सीखने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
कुशल शिक्षकों की विशेष टीम करेगी शिक्षा सुधार
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले से 15 से 20 प्रतिभाशाली और अनुभवी शिक्षकों की पहचान की जाए। इन शिक्षकों की एक विशेष टीम बनाई जाएगी, जो अपने अनुभव, नवाचार और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के जरिए स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि इस मॉडल को पहले जिला स्तर पर लागू कर उसके परिणामों का आकलन किया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे पूरे हरियाणा के सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अनुभवी और प्रेरित शिक्षकों की भागीदारी से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में बड़ा सुधार लाया जा सकता है।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर विशेष फोकस
महीपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने National Education Policy 2020 को तेजी से लागू करने की दिशा में काम किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षण पद्धति को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करना चाहती है जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें और देश-प्रदेश का नाम रोशन करें। इसके लिए आधुनिक तकनीक, कौशल आधारित शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।
अभिभावकों की समस्याओं के समाधान पर जोर
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने सरकारी और निजी दोनों स्कूलों में अभिभावकों को आने वाली समस्याओं पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि अभिभावकों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हो सके।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी मजबूत की जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग लगातार सुधारात्मक कदम उठाता रहेगा।
शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम
हरियाणा सरकार अब स्कूलों में आधुनिक शिक्षण तकनीकों, डिजिटल संसाधनों और नवाचार आधारित शिक्षा मॉडल को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस रोडमैप को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो आने वाले वर्षों में हरियाणा के सरकारी स्कूल देशभर के लिए उदाहरण बन सकते हैं।
बैठक में माध्यमिक शिक्षा के महानिदेशक Jitender Dahiya, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर Varsha Khangwal सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

