सीएम नायब सिंह सैनी ने बेसहारा गौवंश संरक्षण के लिए गौ अभ्यारण, चारा अनुदान और नए पशु चिकित्सालयों की घोषणा की।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य को बेसहारा गौवंश से मुक्त करने को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि गौवंश संरक्षण, गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण और पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित श्री कृष्ण गौशाला सोसायटी में आयोजित चारा अनुदान वितरण समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने 11 पंजीकृत गौशालाओं को 70 लाख 24 हजार रुपये की चारा अनुदान राशि के चेक वितरित किए और गौ सेवा के महत्व को रेखांकित किया।
गौ अभ्यारणों पर विशेष फोकस
सीएम सैनी ने बताया कि पानीपत के गांव नैन और हिसार के गांव ढंढुर में दो बड़े गौ अभ्यारण स्थापित किए गए हैं, जिनके लिए 8 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। इन अभ्यारणों में शेड, पानी और चारे की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे बेसहारा गौवंश का बेहतर पुनर्वास हो सके।
गौशालाओं को बड़ा आर्थिक सहयोग
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 619 पंजीकृत गौशालाओं को 228 करोड़ रुपये से अधिक की चारा अनुदान राशि दी जा चुकी है। पिछले सवा 11 वर्षों में यह आंकड़ा 526 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। साथ ही 51 गौशालाओं को शेड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये प्रति गौशाला अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।
पशु स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
सरकार ने पशु चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए कई नए कदम उठाए हैं। कारी आदू, ढूंढ़वा, मोहम्मदपुर अहीर और ममरिया आसमपुर में नए राजकीय पशु चिकित्सालय खोले जाएंगे। इसके अलावा 2026-27 के बजट में 7 नए पशु औषधालय खोलने की योजना भी शामिल है।
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बढ़ती गौशालाओं की संख्या
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 तक हरियाणा में 215 पंजीकृत गौशालाएं थीं, जिनमें लगभग 1.75 लाख गौवंश था। अब यह संख्या बढ़कर 697 गौशालाओं तक पहुंच गई है, जिनमें 4 लाख से अधिक बेसहारा गौवंश का पालन-पोषण हो रहा है।
सौर ऊर्जा और आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल
गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 330 गौशालाओं में सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं और लक्ष्य है कि 2026-27 तक सभी गौशालाएं सौर ऊर्जा आधारित बनें। इसके अलावा गौशालाओं को 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
पंचगव्य और प्राकृतिक उत्पादों को बढ़ावा
सरकार गौशालाओं को पंचगव्य आधारित उत्पादों के निर्माण के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद, प्राकृतिक पेंट, धूपबत्ती, साबुन और अन्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं। इस दिशा में 101 गौशालाओं को मशीनरी खरीदने के लिए अनुदान दिया गया है।
सख्त कानून और प्रोत्साहन योजना
सीएम सैनी ने बताया कि हरियाणा गौ-वंश संरक्षण व गौसंवर्धन अधिनियम-2015 के तहत गौ हत्या पर 10 साल तक की सजा और अवैध तस्करी पर 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। साथ ही, बेसहारा गौवंश को पकड़कर गौशालाओं में लाने पर आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।
समाज की भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ सेवा केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज, पंचायतों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने सभी से गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सहयोग करने की अपील की।
इस अवसर पर सुमन सैनी और सुभाष सुधा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। हरियाणा सरकार की ये पहल राज्य में गौवंश संरक्षण को नई दिशा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

