हरियाणा सरकार ने मत्स्य पालन से जुड़ी सेवाओं को राइट टू सर्विस में शामिल कर 40-50 दिन की समयसीमा तय की।
हरियाणा सरकार ने नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मत्स्य पालन से जुड़ी कई सेवाओं को हरियाणा अधिकार सेवा अधिनियम, 2014 के तहत शामिल कर लिया है।
इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा अधिसूचना जारी की गई है, जिसके तहत अब मछली पालन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सब्सिडी सेवाओं के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी गई है।
40 दिन में मिलेगी सब्सिडी
सघन मत्स्य पालन विकास कार्यक्रम के तहत अब लोडिंग ऑटो, फोर व्हीलर और ट्रॉली सहित मिनी ट्रैक्टर पर दी जाने वाली सब्सिडी 40 दिनों के भीतर प्रदान की जाएगी।
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50 दिन में पूरी होंगी प्रमुख सेवाएं
सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य सेवाओं के लिए 50 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इनमें शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत आनुवंशिक सुधार और न्यूक्लियस प्रजनन केंद्रों (NBC) के लिए सब्सिडी
- स्टार्टअप, इनक्यूबेटर और पायलट प्रोजेक्ट्स सहित नवाचार गतिविधियों के लिए सहायता
- प्रशिक्षण, जागरूकता और क्षमता निर्माण कार्यक्रम
- सजावटी मछली इकाइयों और ब्रूड बैंक की स्थापना
- मनोरंजक मत्स्य पालन को बढ़ावा
- ई-ट्रेडिंग और ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म
- कोल्ड स्टोरेज और आइस प्लांट का आधुनिकीकरण
- मूल्य वर्धित मत्स्य उत्पाद इकाइयां
- मत्स्य सेवा केंद्रों के माध्यम से विस्तार सेवाएं
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
इन सेवाओं के लिए जिला मत्स्य पालन अधिकारी को पदनामित अधिकारी बनाया गया है, जबकि उप-निदेशक मत्स्य पालन प्रथम अपीलीय प्राधिकारी और निदेशक मत्स्य पालन द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी होंगे।
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी
सरकार के इस फैसले से मत्स्य पालन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही, किसानों और मत्स्य पालकों को समय पर लाभ मिलने से उनकी आय और उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी।
यह पहल राज्य में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

