हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, सभी विभागों को 15 दिन में लंबित फाइलें निपटाने और पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश।
हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और स्वायत्त संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि वे सीएफएमएस (CFMS) और टीआईएस (TIS) पोर्टल पर लंबित पड़ी फाइलों की समीक्षा कर उन्हें 15 दिनों के भीतर निपटाएं।
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, वर्ष 2025 और 2026 से संबंधित बड़ी संख्या में फाइलें अभी भी पोर्टल पर ‘पेंडिंग’ स्थिति में दिखाई दे रही हैं। हालांकि, इनमें से कई फाइलें वास्तविक रूप से निपटाई जा चुकी हैं, लेकिन उनकी स्थिति पोर्टल पर अपडेट नहीं की गई है। इस वजह से लंबित मामलों की संख्या वास्तविक स्थिति से अधिक दर्शाई जा रही है, जिससे निगरानी और मूल्यांकन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसी सभी फाइलों की स्थिति तुरंत अपडेट की जाए, ताकि पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़े सटीक और प्रमाणिक हों। उन्होंने कहा कि सही डेटा के आधार पर ही प्रशासनिक निर्णय प्रभावी ढंग से लिए जा सकते हैं और शासन व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।
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इस आदेश के तहत सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों और निगमों के प्रबंध निदेशकों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को 15 दिनों के भीतर यह कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद पोर्टल पर दर्ज लंबित मामलों के आंकड़ों को अंतिम और आधिकारिक माना जाएगा।
इसके साथ ही, भविष्य में फाइलों की स्थिति को नियमित रूप से अपडेट करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि डिजिटल पोर्टल के माध्यम से फाइल ट्रैकिंग प्रणाली को मजबूत करने से पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी।
यह पहल न केवल सरकारी कामकाज को गति देगी, बल्कि आम जनता को भी लाभ पहुंचाएगी, क्योंकि फाइलों के समय पर निपटान से सेवाओं की डिलीवरी तेज और प्रभावी होगी। हरियाणा सरकार का यह कदम सुशासन और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक आधुनिक और जवाबदेह बन सकेगी।

