दहेज प्रथा के खिलाफ हरियाणा सरकार की बड़ी पहल, राज्यभर में चलेगा जागरूकता अभियान
हरियाणा सरकार ने समाज में बढ़ती दहेज प्रथा को रोकने और इसके खिलाफ मजबूत जनजागरण तैयार करने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। सरकार का उद्देश्य युवाओं, ग्रामीण समुदायों और शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता फैलाकर दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ मजबूत माहौल तैयार करना है।
इस संबंध में हरियाणा के मुख्य सचिव Anurag Rastogi ने राज्य के सभी उपायुक्तों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि जिला प्रशासन अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करे, ताकि लोगों को दहेज प्रथा के सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी जा सके।
सरकार ने साफ किया है कि दहेज लेना और देना दोनों ही कानूनन अपराध हैं और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि दहेज निषेध कानून का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित किया जाए और शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए।
इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी उपमंडल अधिकारी (SDM) को दहेज निषेध अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब प्रत्येक SDM अपने क्षेत्र में दहेज से जुड़े मामलों की निगरानी करेंगे और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा वे जागरूकता कार्यक्रमों, कानूनी सलाह और सामाजिक संवाद के जरिए लोगों को इस कुरीति के खिलाफ प्रेरित करेंगे।
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हरियाणा सरकार का मानना है कि दहेज प्रथा केवल आर्थिक बोझ नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समानता से जुड़ा गंभीर सामाजिक मुद्दा है। कई परिवार आज भी दहेज के कारण आर्थिक और मानसिक दबाव झेलते हैं। ऐसे में सरकार इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभाना चाहती है।
अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष सेमिनार, जागरूकता रैलियां और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। युवाओं को यह संदेश दिया जाएगा कि विवाह एक सामाजिक और भावनात्मक रिश्ता है, न कि आर्थिक लेन-देन का माध्यम। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से लोगों को दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूक किया जाएगा।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन और सामाजिक संगठनों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंच सके। सरकार चाहती है कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से दहेज मुक्त हरियाणा का लक्ष्य हासिल किया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव लाना भी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई दोनों पर समान रूप से जोर दे रही है।
राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे दहेज प्रथा के खिलाफ खुलकर आवाज उठाएं और यदि कहीं दहेज की मांग की जाती है तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। सरकार का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस पहल को सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि लगातार जागरूकता और कानून के प्रभावी पालन से आने वाले समय में दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

