हरियाणा के जिला अस्पतालों में CT स्कैन और MRI जांच के लिए अब मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री दर्ज करना अनिवार्य किया गया।
हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य के सभी जिला नागरिक अस्पतालों में सीटी स्कैन (CT Scan) और एमआरआई (MRI) जांच से संबंधित प्रत्येक मरीज का विस्तृत रिकॉर्ड रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक द्वारा जारी निर्देशों में सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से इस व्यवस्था को लागू करने को कहा गया है। यह निर्णय खास तौर पर उन अस्पतालों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां ये सेवाएं पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत संचालित हो रही हैं।
निर्देशों के अनुसार, जब भी किसी मरीज को CT स्कैन या MRI जांच की सलाह दी जाएगी, तो उसके लिए इंडोर एडमिशन या डे-केयर फाइल बनाना अनिवार्य होगा। इस फाइल में मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री, आवश्यक लैब जांच, जांच की जरूरत का स्पष्ट कारण और मरीज की सहमति जैसी सभी जानकारी दर्ज की जाएगी।
also read : हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: किसानों को समय पर मिलेंगे प्रमाणित बीज, टेंडर मंजूर
सरकार का मानना है कि इससे न केवल इन सेवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगेगी, बल्कि जरूरतमंद मरीजों को ही इन सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा। वर्तमान में यह सेवाएं बीपीएल कार्ड धारकों, अनुसूचित जाति वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), दिव्यांगजन, एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों, सड़क दुर्घटना पीड़ितों, सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए निःशुल्क उपलब्ध हैं।
इसके अलावा, रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (RMO) को प्रतिदिन इन जांचों से जुड़े आदेशों की समीक्षा करने और संबंधित मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) या प्रधान चिकित्सा अधिकारी (PMO) से काउंटरसाइन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने, पारदर्शिता बढ़ाने और संसाधनों के सही उपयोग को सुनिश्चित करने की दिशा में अहम साबित होगा। सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने और इसे तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

