हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने DBT के जरिए एक क्लिक में 1884 करोड़ रुपये सामाजिक सुरक्षा पेंशन, फसल बीमा और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को भेजे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के लाखों लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत एक क्लिक के माध्यम से करीब 1884 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की। यह भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किया गया।
सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा की डबल इंजन सरकार किसान, महिला, युवा और गरीब समेत हर वर्ग को सशक्त बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 842 करोड़ से अधिक राशि
मुख्यमंत्री ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत लगभग 26 लाख 12 हजार लाभार्थियों के खातों में 842 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि भेजी गई। इसमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांगजन भत्ता और अन्य पेंशन योजनाएं शामिल हैं।
किसानों को मिला फसल बीमा का लाभ
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2025 फसलों के लिए किसानों को बीमा क्लेम भी जारी किया गया। इसके तहत 1 लाख 67 हजार 460 किसानों के खातों में 711 करोड़ 69 लाख रुपये की राशि भेजी गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में किसानों को फसल मुआवजा और बीमा योजना के तहत करीब 16,160 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
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आढ़तियों को भी मिला अतिरिक्त कमीशन
सरकार ने आढ़तियों के लिए भी भुगतान जारी किया है। प्रदेश के 11,199 आढ़तियों को 56 करोड़ 97 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
राज्य सरकार ने पहले ही फैसला लिया था कि गेहूं, धान और बाजरा पर आढ़तियों को 55 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन दिया जाएगा।
दयालु योजना और आवास योजना के तहत भी मदद
मुख्यमंत्री ने बताया कि दयालु योजना के तहत 5409 लाभार्थियों को 205.42 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि ‘आवास सभी के लिए’ योजना के तहत 12,353 परिवारों को 67 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई।
प्रो-एक्टिव मॉडल से मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन करते हुए ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ अपनाया है। इसके तहत परिवार पहचान पत्र (PPP) डेटाबेस के आधार पर पात्रता तय होती है और पात्र नागरिकों को बिना आवेदन किए ही घर बैठे योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि DBT के माध्यम से पारदर्शी भुगतान सरकार की सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सरकारी सहायता समय पर सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे।

