हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए 22.74 लाख महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई है और समय पर जांच व इलाज पर जोर दिया जा रहा है।
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने और सर्वाइकल कैंसर की घटनाओं व मृत्यु दर को कम करने के लिए लगातार ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि जागरूकता, समय पर जांच और बेहतर उपचार सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू किए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हर वर्ष विश्व कैंसर दिवस और राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के अवसर पर महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के जोखिम कारकों, लक्षणों, शुरुआती पहचान और बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक किया जाता है। इसके साथ ही मेडिकल अधिकारियों, स्टाफ नर्सों, सीएचओ और फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि स्क्रीनिंग की गुणवत्ता, समय पर पहचान, परामर्श और फॉलो-अप देखभाल को बेहतर बनाया जा सके।
आरती सिंह राव ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) में शुरू होने वाला कैंसर है, जिसका प्रमुख कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) का लंबे समय तक संक्रमण होता है। विशेष रूप से HPV-16 और HPV-18 प्रकार अधिक खतरनाक माने जाते हैं। उन्होंने बताया कि धूम्रपान, कम उम्र में यौन संबंध, एक से अधिक यौन साथी, असुरक्षित यौन व्यवहार, कम उम्र में विवाह और गर्भधारण, बार-बार प्रसव और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसे कारक इस बीमारी के जोखिम को बढ़ाते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर के सामान्य लक्षणों में पीरियड्स के बीच रक्तस्राव, अत्यधिक या लंबे समय तक मासिक धर्म, रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव, यौन संबंध के बाद रक्तस्राव, दुर्गंधयुक्त योनि स्राव, निचले पेट में दर्द, अचानक वजन घटना और पेशाब के दौरान दर्द शामिल हैं। उन्होंने जोर दिया कि यदि इस बीमारी का समय रहते पता चल जाए, तो इसका इलाज काफी हद तक संभव है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा द्वारा सभी 22 जिलों में राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा रही है। इस अभियान में उच्च रक्तचाप, मधुमेह के साथ-साथ मुख, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की जांच भी शामिल है। महिलाओं की जांच के लिए विजुअल इंस्पेक्शन विद एसेटिक एसिड (VIA) नामक सरल और प्रभावी टेस्ट का उपयोग किया जा रहा है, जो आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला अस्पताल और जिला नागरिक अस्पतालों में उपलब्ध है।
also read : लुधियाना रैली में नायब सिंह सैनी का हमला: ‘आप’ भ्रष्टाचार में कांग्रेस से चार कदम आगे, पंजाब को नंबर वन बनाएंगे
संदिग्ध मामलों को आगे की जांच के लिए उच्च केंद्रों पर रेफर किया जाता है। राज्य में अंबाला, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, सिरसा और सोनीपत के जिला नागरिक अस्पतालों में कोलपोस्कोपी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा, PAP स्मीयर, FNAC, बायोप्सी, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांच सुविधाएं भी विभिन्न जिला अस्पतालों में उपलब्ध कराई गई हैं। गंभीर मामलों के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों और क्षेत्रीय कैंसर केंद्रों में उच्च स्तरीय उपचार की व्यवस्था की गई है।
नेशनल एनसीडी पोर्टल के आंकड़ों का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब तक 22,74,802 महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से 1,153 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की पुष्टि हुई है और उनका उपचार जारी है।
आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर महिला को समय पर जांच और उचित उपचार मिले, ताकि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके और महिलाओं का जीवन सुरक्षित व स्वस्थ बनाया जा सके।

