अप्रैल 2026 में GST कलेक्शन 2.43 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, सालाना 8.7% की बढ़ोतरी दर्ज
भारत की अर्थव्यवस्था ने नए वित्त वर्ष की शुरुआत मजबूत संकेतों के साथ की है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2026 में देश का कुल Goods and Services Tax (GST) संग्रह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर लगभग 2.43 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह अब तक का सबसे अधिक मासिक GST कलेक्शन है, जो पिछले साल अप्रैल 2025 के 2.23 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 8.7% अधिक है।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में दर्ज की गई है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था ने स्थिरता और मजबूती का परिचय दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आंकड़ा संकेत देता है कि देश में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं और कारोबार पर वैश्विक संकट का असर फिलहाल सीमित है।
विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में नेट GST राजस्व 2.11 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.3% अधिक है। इसमें घरेलू लेनदेन से प्राप्त राजस्व 4.3% बढ़कर 1.85 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयात से मिलने वाला GST राजस्व 25.8% की तेज वृद्धि के साथ 57,580 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इससे स्पष्ट होता है कि इस बार कुल वृद्धि में आयात का योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा है।
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विशेषज्ञ मानते हैं कि आयात आधारित GST में वृद्धि से यह भी संकेत मिलता है कि वैश्विक व्यापार गतिविधियां अभी भी सक्रिय हैं, हालांकि इसमें तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी प्रभाव देखा जा सकता है। अप्रैल महीने के दौरान Brent Crude Oil की कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थी, जो मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंकाओं के कारण हुआ।
GST कलेक्शन के साथ-साथ रिफंड के आंकड़े भी महत्वपूर्ण रहे। अप्रैल 2026 में कुल रिफंड 19.3% बढ़कर 31,793 करोड़ रुपये हो गया। इसमें घरेलू रिफंड में 54.6% की तेज वृद्धि दर्ज की गई, जबकि निर्यात से जुड़े रिफंड में 14% की गिरावट देखने को मिली। इससे कुल रिफंड वृद्धि का असर थोड़ा संतुलित रहा।
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, GST संग्रह में यह वृद्धि सरकार के राजस्व आधार को मजबूत करती है और बुनियादी ढांचे, सामाजिक योजनाओं और विकास परियोजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही यह संकेत भी मिलता है कि उपभोग और व्यापार गतिविधियां स्थिर बनी हुई हैं।
कुल मिलाकर, अप्रैल 2026 का GST कलेक्शन भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश की आर्थिक गति बरकरार है, जो आने वाले महीनों में विकास की संभावनाओं को और मजबूत कर सकती है।

