FIFA ने साफ किया—ईरान वर्ल्ड कप 2026 खेलेगा और उसके सभी ग्रुप मैच अमेरिका में ही होंगे
फुटबॉल जगत के सबसे बड़े टूर्नामेंट FIFA World Cup 2026 को लेकर लंबे समय से चल रही अनिश्चितताओं के बीच अब एक बड़ा फैसला सामने आया है। FIFA ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान राष्ट्रीय फुटबॉल टीम न केवल टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी, बल्कि उसके सभी ग्रुप स्टेज मुकाबले अमेरिका में ही खेले जाएंगे।
यह ऐलान फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने वैंकूवर में आयोजित फीफा कांग्रेस के दौरान किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि फुटबॉल दुनिया को जोड़ने का माध्यम है और ईरान ने अपनी योग्यता के आधार पर वर्ल्ड कप में जगह बनाई है, इसलिए उसे खेलने से रोका नहीं जा सकता।
वर्ल्ड कप 2026, जिसकी मेजबानी अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा संयुक्त रूप से करेंगे, 11 जून से शुरू होकर जुलाई तक चलेगा। इस बार टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा लेंगी, जिसमें ईरान ने एशियाई क्वालिफाइंग राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी जगह पक्की की है। यह लगातार चौथा मौका होगा जब ईरान की टीम वर्ल्ड कप में भाग लेगी।
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शेड्यूल के अनुसार, ईरान को ग्रुप जी में बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड जैसी टीमों के साथ रखा गया है। उसके तीनों ग्रुप मैच अमेरिका में आयोजित होंगे, जिनमें से दो मुकाबले लॉस एंजेलिस और एक सिएटल में खेले जाने की योजना है। हालांकि, ईरान की ओर से इन मैचों को न्यूट्रल वेन्यू पर कराने की मांग की गई थी, लेकिन फीफा ने इसे खारिज कर दिया और मूल कार्यक्रम को बरकरार रखा।
ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा राजनीतिक तनाव को देखते हुए यह फैसला काफी चर्चा में है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह टूर्नामेंट केवल खेल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें कूटनीतिक और वैश्विक संबंधों की झलक भी देखने को मिल सकती है।
दिलचस्प बात यह भी है कि टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में अमेरिका राष्ट्रीय फुटबॉल टीम और ईरान के आमने-सामने आने की संभावना भी बन रही है। यदि दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहती हैं, तो 3 जुलाई को डलास में होने वाले एलिमिनेशन मुकाबले में इनकी टक्कर हो सकती है, जो टूर्नामेंट का सबसे हाई-वोल्टेज मैच बन सकता है।
कुल मिलाकर, फीफा का यह फैसला साफ करता है कि खेल को राजनीति से ऊपर रखते हुए सभी योग्य टीमों को बराबरी का मौका दिया जाएगा। अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि ईरान की टीम अमेरिका में जाकर कैसा प्रदर्शन करती है और क्या यह टूर्नामेंट फुटबॉल के जरिए वैश्विक एकता का संदेश दे पाएगा।

