दिलजीत दोसांझ ने कनाडा के कॉन्सर्ट में खालिस्तानी झंडे लहराने वालों को फटकार लगाते हुए खुद को ऐसे विचारों से अलग बताया।
पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ अपने हालिया कनाडा कॉन्सर्ट के दौरान दिए गए एक बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से ही उन लोगों को कड़ी प्रतिक्रिया दी, जो खालिस्तानी झंडे लहरा रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिलजीत ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे इस तरह की गतिविधियों से असहज हैं और ऐसे लोगों से कार्यक्रम स्थल छोड़ने की अपील की।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिलजीत दोसांझ पहले से ही कुछ समूहों की आलोचना का सामना कर रहे थे। खासकर अमिताभ बच्चन के प्रति सम्मान जताने को लेकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा था। अपने कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत ने इस मुद्दे पर भी खुलकर अपनी बात रखी और कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक विवाद में पड़ना नहीं, बल्कि पंजाब के मुद्दों को वैश्विक मंच पर उठाना है।
दिलजीत ने कहा कि वे जहां भी जाते हैं, वहां पंजाब की समस्याओं और संस्कृति को सामने रखने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पंजाब से जुड़े मुद्दों को उठाया है, चाहे वह The Tonight Show Starring Jimmy Fallon हो या अन्य प्लेटफॉर्म। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इन मंचों पर किसी फिल्म या गाने के प्रमोशन के लिए नहीं, बल्कि पंजाब की आवाज को दुनिया तक पहुंचाने के लिए जाते हैं।
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अपने संबोधन में उन्होंने ऐतिहासिक कोमागाटा मारू घटना का भी जिक्र किया, जिसमें भारतीय प्रवासियों के साथ कनाडा में भेदभाव किया गया था। उन्होंने बताया कि वैंकूवर में प्रदर्शन के दौरान इस घटना से जुड़े स्थान के करीब बड़ी संख्या में लोग उनके शो में शामिल हुए, जो उनके लिए भावनात्मक पल था।
दिलजीत ने यह भी कहा कि अगर किसी को यह समस्या है कि उन्होंने किसी मंच पर बैठकर बातचीत की या किसी व्यक्ति के साथ दिखाई दिए, तो वे अपनी सोच बदलने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन वे अपने काम से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दोहराया कि वे एक कलाकार हैं और उनका मुख्य उद्देश्य संस्कृति और समाज से जुड़े मुद्दों को उजागर करना है।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, जहां कुछ लोग दिलजीत के इस रुख का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग आलोचना भी कर रहे हैं। हालांकि, दिलजीत दोसांझ के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि वे अपनी पहचान और विचारों को लेकर स्पष्ट हैं और किसी भी तरह की गलत व्याख्या से खुद को अलग रखना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय कलाकारों को किस तरह विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों का सामना करना पड़ता है। दिलजीत का यह रुख उनके व्यक्तिगत और पेशेवर दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें वे कला के माध्यम से अपनी संस्कृति और समाज का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनना।

