देवास के किसान जगदीश नागर आधुनिक उद्यानिकी और फसल विविधीकरण से एक बीघा जमीन पर साल में तीन फसलें लेकर बेहतर आमदनी हासिल कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के देवास जिले के प्रगतिशील किसान जगदीश नागर ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक उद्यानिकी और फसल विविधीकरण को अपनाया है। उनकी खेती का तरीका छोटे किसानों के लिए प्रेरणा बन रहा है। मेंढकी धाकड़ निवासी जगदीश नागर सीमित कृषि भूमि पर साल में तीन फसलें उगाकर अच्छी आमदनी हासिल कर रहे हैं। उनके अनुसार, सही फसल चयन, मेहनत और खेती के बेहतर प्रबंधन से कम जमीन में भी आय बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।
एक बीघा जमीन पर साल में तीन फसलें
किसान जगदीश नागर ने पारंपरिक फसलों के बजाय उद्यानिकी फसलों की खेती पर ध्यान केंद्रित किया है। वे अपने खेत में लौकी, खीरा, मिर्च और टमाटर जैसी फसलें उगाते हैं। इसके अलावा, खरबूज और तरबूज की खेती से भी अच्छी आमदनी प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
उनकी खेती की खासियत यह है कि वे एक ही बीघा जमीन का उपयोग सालभर में तीन फसलें लेने के लिए करते हैं। इस तरह वे सीमित भूमि से अधिक उत्पादन और आमदनी हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
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खीरे की खेती से मिलता है 100 क्विंटल तक उत्पादन
जगदीश नागर के मुताबिक, एक बीघा जमीन में खीरे की खेती से लगभग 100 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त होता है। वहीं, खरबूज और तरबूज की खेती में करीब 70 से 80 क्विंटल तक उपज मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि यदि उपज का न्यूनतम बिक्री भाव 20 रुपये प्रति किलोग्राम मिले, तो एक फसल से लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय प्राप्त हो सकती है। इसमें करीब 50 हजार रुपये की उत्पादन लागत घटाने के बाद लगभग एक लाख रुपये का शुद्ध लाभ बचने का अनुमान है।
इस गणना के आधार पर किसान साल में तीन फसलें लेकर एक बीघा जमीन से लगभग तीन लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ अर्जित करने की बात कहते हैं। हालांकि, वास्तविक मुनाफा बाजार भाव, उत्पादन, मौसम और खेती की लागत के अनुसार घट-बढ़ सकता है।
फसल विविधीकरण से किसानों को मिल सकते हैं बेहतर अवसर
जगदीश नागर का मानना है कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों और उद्यानिकी फसलों को भी अपनाना चाहिए। बाजार की मांग के अनुसार फसलों का चयन करके और उपलब्ध जमीन का बेहतर इस्तेमाल करके खेती से होने वाली आमदनी बढ़ाई जा सकती है।
एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग फसलों की खेती करने से किसानों को आय के अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, नई फसल अपनाने से पहले स्थानीय मिट्टी, सिंचाई की उपलब्धता, उत्पादन लागत और बाजार की मांग का आकलन करना जरूरी है।
बलराम कृषि महोत्सव में किसान जगदीश नागर सम्मानित
देवास में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव एवं जिला स्तरीय कृषि मेले में किसान जगदीश नागर को उद्यानिकी के क्षेत्र में बेहतर कार्य और कृषि नवाचार के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके प्रयासों की सराहना की गई।
जगदीश नागर की खेती का मॉडल दिखाता है कि छोटे किसान भी फसल विविधीकरण और बेहतर कृषि प्रबंधन के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में प्रयास कर सकते हैं। उनकी सफलता दूसरे किसानों को आधुनिक खेती के विकल्पों पर विचार करने की प्रेरणा देती है।

