छतरपुर में कलेक्टर मृणाल मीना ने टोकन से खाद वितरण, नकली बीज की जांच, मिट्टी परीक्षण और किसानों की योजनाओं को लेकर सख्त निर्देश दिए।
किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर मृणाल मीना ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए टोकन प्रणाली लागू की जाए। उन्होंने खाद के अवैध भंडारण, कालाबाजारी और गैरकानूनी बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।
गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित एपीसी बैठक में कृषि सहित विभिन्न संबंधित विभागों के कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक में उपसंचालक कृषि अनिल मिश्रा समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान खाद और बीज की उपलब्धता, फसल उत्पादन, किसानों का पंजीयन, पशुपालन और कृषि योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त, लापरवाही पर अधिकारियों को चेतावनी
कलेक्टर मृणाल मीना ने स्पष्ट किया कि खाद के अवैध भंडारण और बिक्री के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी ऐसे मामलों में लापरवाही करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
नौगांव क्षेत्र में अवैध उर्वरक भंडारण और बिक्री का मामला सामने आने पर कलेक्टर ने संबंधित एसएडीओ के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल निलंबन संबंधी आदेश जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस को मोबाइल कॉल और रिकॉर्डिंग की जांच कराने के लिए कहा।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यदि जांच में नौगांव एसएडीओ और उसके ड्राइवर की संबंधित विक्रेता के साथ संलिप्तता सामने आती है, तो दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
टोकन व्यवस्था से होगा खाद का वितरण
किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खाद वितरण में अनावश्यक परेशानी और अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। इसके लिए टोकन के माध्यम से खाद वितरित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य खाद वितरण को व्यवस्थित बनाना और किसानों को लंबी कतारों तथा अनिश्चितता से राहत दिलाना है। साथ ही, अधिकारियों को खाद की उपलब्धता और वितरण पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
मिट्टी की जांच और सॉइल हेल्थ कार्ड पर जोर
कलेक्टर ने किसानों की जमीन की उर्वरता और फसल उत्पादन में सुधार के लिए मिट्टी परीक्षण को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि युवा उद्यमियों और संबंधित संस्थाओं के माध्यम से मिट्टी की जांच कराकर किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराए जाएं।
छतरपुर, बक्सवाहा और नौगांव के एसएडीओ को इस कार्य में विशेष प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अनुपस्थित रहने और सॉइल हेल्थ कार्ड के काम में खराब प्रदर्शन मिलने पर बक्सवाहा एसएडीओ का दो दिन का वेतन राजसात करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि मिट्टी की गुणवत्ता और पोषक तत्वों की जानकारी मिलने से किसान फसलों की जरूरत के अनुसार उर्वरकों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
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फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए खेतों में उतरेगा कृषि अमला
बैठक में फसलों के रकबे और उत्पादकता की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृषि विभाग को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर के कृषि अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में सक्रिय किया जाए।
किसानों को उन्नत बीजों और सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि खेतों में वास्तविक प्रदर्शन के जरिए दी जाए। इससे किसानों को नई तकनीकों को समझने और बेहतर कृषि पद्धतियां अपनाने में मदद मिलेगी।
नकली बीज बेचने वालों की होगी जांच
रबी सीजन 2026-27 के लिए बीज वितरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मांग के अनुरूप बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन ब्लॉकों में बीज एसएडीओ के पास पहुंच चुका है, वहां उसका वितरण जल्द किया जाए।
यदि निरीक्षण के दौरान बीज का अनावश्यक भंडारण पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सीड इंस्पेक्टर को नकली बीज बेचने वालों की जांच करने और शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
बारिश से फसलों को हुए नुकसान का संयुक्त सर्वे
हाल ही में बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए कलेक्टर ने राजस्व और कृषि विभाग को संयुक्त सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन कर नुकसान से संबंधित जानकारी जुटाई जाए।
इसके अलावा भावांतर योजना के पंजीयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को किसानों का पंजीयन उनके वास्तविक फसल रकबे के अनुसार सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के निर्देश
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान और सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने मैत्री कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित कर उनके मानदेय से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने तथा उन्हें कृत्रिम गर्भाधान के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
बड़ामलहरा, लवकुशनगर, बिजावर, बक्सवाहा और गौरिहार क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञों और पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। कम प्रगति वाले ब्लॉकों में विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
पीएमएफएमई योजना और किसान क्रेडिट कार्ड के लक्ष्य पूरे करने पर जोर
कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग को एकीकृत बागवानी विकास मिशन के निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, बैंकों में लंबित पीएमएफएमई योजना के आवेदनों को स्वीकृति के बाद वितरण की प्रक्रिया तक पहुंचाने पर जोर दिया।
किसानों को आर्थिक सहायता और संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने के लिए सहकारिता विभाग को विशेष टीम बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए। कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनाने के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए भी अधिकारियों को सक्रियता बढ़ाने को कहा गया।
किसानों को राहत देने के लिए विभागों के बीच समन्वय जरूरी
बैठक में खाद और बीज वितरण से लेकर फसल नुकसान के सर्वे, मिट्टी परीक्षण, पशुपालन और कृषि योजनाओं तक कई अहम मुद्दों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक समय पर पहुंचे और सरकारी कार्यों में लापरवाही न हो।
प्रशासन का मुख्य जोर खाद की सुचारु उपलब्धता, कृषि उत्पादन में वृद्धि, नकली बीज और उर्वरकों की कालाबाजारी पर नियंत्रण तथा किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर है।

