Bitcoin 80,000 डॉलर के पार पहुंचा, एशियाई बाजार और बढ़ती डिमांड से क्रिप्टो मार्केट में फिर आई तेजी।
वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच Bitcoin ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी ने तीन महीनों के उच्चतम स्तर को पार करते हुए 80,000 डॉलर का आंकड़ा छू लिया है, जिससे निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल बन गया है।
सोमवार सुबह एशियाई बाजार में बिटकॉइन करीब 1.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80,393 डॉलर तक पहुंच गया, जो 31 जनवरी के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है। इस तेजी का असर अन्य क्रिप्टोकरेंसी पर भी देखने को मिला, जहां Ethereum समेत कई डिजिटल टोकन में मजबूती दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस उछाल के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे अहम कारण एशियाई शेयर बाजारों में आई मजबूती है, जहां MSCI एशियन इक्विटी इंडेक्स अपने ऑल-टाइम हाई के करीब पहुंच गया है। इसके अलावा, टेक कंपनियों के मजबूत कॉर्पोरेट रिजल्ट और निवेशकों का बढ़ता भरोसा भी इस तेजी को समर्थन दे रहा है।
भू-राजनीतिक घटनाओं ने भी क्रिप्टो मार्केट को प्रभावित किया है। मध्य-पूर्व में तनाव और खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों को वैकल्पिक निवेश विकल्पों की ओर मोड़ा है, जिसमें बिटकॉइन प्रमुख बनकर उभरा है।
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इसके साथ ही, संस्थागत निवेश में तेजी भी बिटकॉइन की कीमत बढ़ाने का बड़ा कारण बनी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में बिटकॉइन ETF में हाल ही में 630 मिलियन डॉलर का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि बड़े निवेशक फिर से क्रिप्टो मार्केट में सक्रिय हो रहे हैं।
पिछले साल अक्टूबर में बिटकॉइन ने 126,000 डॉलर का रिकॉर्ड स्तर हासिल किया था, लेकिन उसके बाद इसमें गिरावट आई और फरवरी तक यह करीब 60,000 डॉलर तक आ गया। अब दोबारा 80,000 डॉलर का स्तर पार करना इस बात का संकेत है कि बाजार में विश्वास धीरे-धीरे लौट रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 80,000 डॉलर का स्तर एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक बाधा माना जाता था। इसके पार जाने के बाद अब निवेशकों की नजर अगले बड़े स्तर पर है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है और निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, बिटकॉइन की यह तेजी यह दर्शाती है कि क्रिप्टोकरेंसी अब केवल एक वैकल्पिक निवेश नहीं बल्कि वैश्विक वित्तीय प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बिटकॉइन अपने पुराने रिकॉर्ड को फिर से छू पाता है या नहीं।

