बिहार में मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर सरकार दे रही ₹5.40 लाख तक की सब्सिडी। जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और योजना की पूरी जानकारी।
बिहार में मिलेट्स यानी मोटे अनाज की खेती और उससे जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है। सरकार मिलेट्स की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने वाले पात्र किसानों, उद्यमियों और संस्थाओं को आर्थिक सहायता देगी। योजना के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को अधिकतम ₹5.40 लाख तक, जबकि सामान्य वर्ग के आवेदकों को ₹4.32 लाख तक का अनुदान मिल सकता है।
यह सहायता राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत मिलेट्स प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए दी जा रही है। इच्छुक पात्र आवेदक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सामान्य और SC/ST वर्ग के लिए अलग-अलग अनुदान
सरकार की इस योजना में परियोजना लागत के आधार पर सब्सिडी निर्धारित की गई है।
- सामान्य वर्ग: परियोजना लागत का 40 प्रतिशत या अधिकतम ₹4.32 लाख, जो भी कम हो।
- SC/ST लाभार्थी: परियोजना लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹5.40 लाख, जो भी कम हो।
इस योजना का उद्देश्य मिलेट्स की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देकर किसानों और स्थानीय उद्यमियों के लिए नए कारोबारी अवसर तैयार करना है।
कौन कर सकता है आवेदन?
मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के इच्छुक FPO, उद्यमी, व्यक्तिगत आवेदक और अन्य पंजीकृत संस्थाएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं। योजना के तहत नई प्रोसेसिंग यूनिट में जरूरी मशीनरी खरीदने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रस्तावित प्रोसेसिंग यूनिट की क्षमता 100 से 200 किलोग्राम प्रति घंटे के बीच निर्धारित की गई है।
खुद से देना होगा परियोजना लागत का 15 फीसदी हिस्सा
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को परियोजना लागत का कम से कम 15 प्रतिशत स्वयं वहन करना होगा। इसके अलावा बैंक से ऋण प्राप्त करना भी जरूरी है।
FPO के लिए कम से कम दो साल से पंजीकृत और संचालित होना जरूरी है। वहीं व्यक्तिगत आवेदक की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।
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इन खर्चों पर नहीं मिलेगा अनुदान
मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट के लिए सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता का इस्तेमाल हर तरह के खर्च के लिए नहीं किया जा सकेगा। योजना के तहत भूमि खरीद, बिजली कनेक्शन, मानव संसाधन और अन्य संचालन संबंधी खर्चों पर सब्सिडी नहीं दी जाएगी।
इसके साथ ही लाभार्थी को प्रोसेसिंग यूनिट के परिसर का कम से कम तीन वर्षों तक संचालन और रखरखाव सुनिश्चित करना होगा।
DBT के जरिए खाते में आएगी सब्सिडी
योजना के तहत स्वीकृत अनुदान की राशि लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। मशीनरी की खरीद के लिए OFMAS पोर्टल पर सूचीबद्ध विक्रेताओं में से ही किसी विक्रेता का चयन करना अनिवार्य होगा।
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत?
मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट के लिए आवेदन करते समय आवेदक को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें मुख्य रूप से:
- परियोजना रिपोर्ट यानी DPR
- बैंक ऋण की स्वीकृति या सहमति पत्र
- आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी
- संस्थागत आवेदकों के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र
शामिल हैं।
8 सितंबर 2026 से शुरू हुआ आवेदन
बिहार में इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक लाभार्थी बिहार कृषि विभाग के Farm Mechanization Portal या बिहार कृषि एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
इस योजना से राज्य में मिलेट्स की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और मिलेट्स आधारित नए व्यवसाय के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

