बेअदबी विरोधी कानून के बाद भगवंत मान की ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू, श्री आनंदपुर साहिब से दिया बड़ा संदेश
पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद मंगलवार को श्री आनंदपुर साहिब से चार दिवसीय ‘शुक्राना यात्रा’ की शुरुआत की। तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद मुख्यमंत्री ने इस यात्रा को परमात्मा का धन्यवाद करने का माध्यम बताते हुए कहा कि उनकी सरकार को ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026’ लागू कर मानवता की सेवा करने का अवसर मिला है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains सहित कई धार्मिक और राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह यात्रा किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि गुरु साहिब के प्रति श्रद्धा और धन्यवाद व्यक्त करने के लिए निकाली जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला नहीं, बल्कि पंजाब की शांति, भाईचारे और सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने की गहरी साजिश रही है। उन्होंने कहा कि नया कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत ढाल साबित होगा।
भगवंत मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब यदि कोई व्यक्ति श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने की हिम्मत करेगा तो उसे अपनी पूरी जिंदगी जेल में बितानी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि यह कानून दोषियों को कठोर और मिसाली सजा सुनिश्चित करेगा ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा घिनौना अपराध करने का साहस न कर सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पंजाब में कई राजनीतिक दलों की सरकारें आईं, लेकिन किसी ने भी बेअदबी के खिलाफ इतना सख्त कानून बनाने का साहस नहीं दिखाया। उन्होंने दावा किया कि केवल आम आदमी पार्टी की सरकार ने लोगों की भावनाओं को समझते हुए यह ऐतिहासिक कदम उठाया है।
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उन्होंने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग इस कानून का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके राजनीतिक हित प्रभावित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले जिन लोगों से जुड़े व्यक्तियों पर बेअदबी के आरोप लगते रहे, वही अब इस सख्त कानून के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री ने लिखा कि जिस पवित्र धरती पर खालसा पंथ की स्थापना हुई थी, वहीं से यह शुक्राना यात्रा शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब की शांति और “सरबत दा भला” के लिए लगातार अरदास की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खुद को केवल एक माध्यम मानते हैं और यह सेवा गुरु साहिब ने उनसे ली है। उन्होंने कहा कि “मैं कोई बड़ा व्यक्ति नहीं हूं, गुरु साहिब ने मुझे यह जिम्मेदारी निभाने के लिए चुना है। मैं केवल एक विनम्र सेवक हूं।”
उन्होंने बताया कि समाज के हर वर्ग के लोग लंबे समय से बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून की मांग कर रहे थे। इस एक्ट का उद्देश्य लोगों की आहत भावनाओं को शांत करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है।
शुक्राना यात्रा के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 मई तक वे तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में मत्था टेकेंगे। उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य केवल परमात्मा का धन्यवाद करना है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने छोटे साहिबजादों की शहादत का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी कुर्बानी आने वाली पीढ़ियों को अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने याद दिलाया that संसद में छोटे साहिबजादों के शहीदी दिवस को सम्मानपूर्वक याद करने का मुद्दा उन्होंने सांसद रहते हुए उठाया था।
उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि इसी पवित्र धरती पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देकर लंबे समय से लंबित मांग पूरी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पवित्र शहरों के विकास के लिए फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
यात्रा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु और आम लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी के बावजूद यात्रा में शामिल होने वाले लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि पंजाब की एकता, शांति और भाईचारे को मजबूत बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

