पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026’ को ऐतिहासिक बताते हुए बेअदबी के दोषियों और उन्हें बचाने वालों पर कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया।
बेअदबी के दोषियों को बचाने वालों पर भी होगी कार्रवाई, मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा ऐलान
पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने मंगलवार को रोपड़ में आयोजित शुक्राना यात्रा के दौरान बड़ा राजनीतिक और धार्मिक संदेश देते हुए कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के दोषियों को बचाने वाले पुराने शासकों को भी जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पारित ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026’ राज्य के इतिहास का एक ऐतिहासिक कानून है, जो बेअदबी जैसे गंभीर अपराधों पर स्थायी रोक लगाने का काम करेगा।
विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कानून केवल कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सम्मान की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि अब किसी भी व्यक्ति को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने की हिम्मत नहीं होगी क्योंकि दोषी पाए जाने वालों को कठोर सजा का सामना करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें परमात्मा ने यह सेवा बख्शी है कि उनकी सरकार को ऐसा कानून लागू करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि “मेरा रोम-रोम परमात्मा का ऋणी है कि उसने मुझे इस ऐतिहासिक एक्ट को लागू करने की जिम्मेदारी दी।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर इस कानून के बारे में जागरूकता फैलाएं ताकि हर नागरिक को पता चल सके कि अब बेअदबी करने वालों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई होगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष, खासकर Sukhbir Singh Badal और अकाली दल पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के शासनकाल में बेअदबी की घटनाएं लगातार होती रहीं क्योंकि उनमें दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की न तो इच्छाशक्ति थी और न ही नीयत। उन्होंने कहा कि अकाली नेताओं ने अपने शासनकाल में न केवल बेअदबी के दोषियों को संरक्षण दिया बल्कि नशा तस्करों और गैंगस्टरों को भी राजनीतिक संरक्षण प्रदान किया।
also read : ‘भूत बंगला’ की सक्सेस के बीच अस्पताल पहुंचे अक्षय कुमार, आंखों की सर्जरी के बाद लिया बड़ा फैसला
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने के लिए अकाली नेतृत्व जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान सरकारी संरक्षण में नशे का कारोबार फलता-फूलता रहा और हजारों परिवार बर्बाद हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि “इन नेताओं के हाथ पंजाब के युवाओं के खून से रंगे हुए हैं और पंजाब की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।”
मुख्यमंत्री ने कोटकपूरा और बहिबल कलां जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बेअदबी का विरोध करने वाले निर्दोष लोगों पर गोलियां चलवाई गईं, जो पंजाब के इतिहास का काला अध्याय है। उन्होंने कहा कि अकाली नेतृत्व अक्सर अपने विकास कार्यों की बात करता है लेकिन उन दर्दनाक घटनाओं को नजरअंदाज कर देता है जिनमें लोगों ने अपनी जान गंवाई।
उन्होंने कहा कि अकाली दल ने धर्म और राजनीति का गलत इस्तेमाल किया। गुरबाणी के नाम पर वोट मांगने वाले नेताओं ने ही गुरु की वाणी का अपमान करने वालों को संरक्षण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग अब सब समझ चुके हैं और अवसरवादी राजनीति को पहचानते हैं।
शुक्राना यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह यात्रा केवल परमात्मा का धन्यवाद करने के उद्देश्य से निकाली गई है। उन्होंने कहा कि वे तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में मत्था टेककर इस ऐतिहासिक कानून के लिए आभार प्रकट करेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब हर सिख के लिए पिता समान हैं और उनकी पवित्रता की रक्षा करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि नया कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा और पंजाब में शांति, भाईचारे तथा सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करेगा।
सभा के अंत में मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी सरकार जनता की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि “दूसरे नेता मौसम देखकर बाहर निकलते हैं, लेकिन मैं हमेशा लोगों के बीच रहकर उनकी सेवा करने में विश्वास रखता हूं।”

