AAP सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED छापेमारी के बाद पंजाब में सियासत गरम, जानें FEMA केस की पूरी कहानी।
पंजाब की राजनीति में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब Enforcement Directorate (ईडी) ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद Ashok Kumar Mittal के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। बुधवार सुबह जालंधर और फगवाड़ा में एक साथ हुई इस कार्रवाई ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमें सुबह करीब 9 बजे अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं और जांच प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान Lovely Professional University समेत लवली ग्रुप से जुड़े कई संस्थानों, आवास और व्यावसायिक परिसरों को जांच के दायरे में लिया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए ताकि जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बताया जा रहा है कि यह छापेमारी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन से जुड़ी है। जांच एजेंसी विदेशी फंडिंग, निवेश और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह मामला वित्तीय अनियमितताओं की जांच से जुड़ा हुआ है।
इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने इस छापेमारी को “राजनीतिक साजिश” करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
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वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने भी इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कदम आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि जनता इसका जवाब देगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अशोक मित्तल को हाल ही में पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद इस तरह की कार्रवाई ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। इससे पहले भी कई मामलों में विपक्ष ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
दूसरी ओर, विपक्षी दलों का कहना है कि जांच एजेंसियां अपने दायित्व के तहत काम कर रही हैं और अगर कोई वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी जांच जरूरी है।
फिलहाल, यह मामला जांच के अधीन है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और खुलासे हो सकते हैं। लेकिन इतना तय है कि अशोक मित्तल पर ईडी की छापेमारी ने पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जो आने वाले समय में और भी तेज हो सकता है।

