Apara Ekadashi 2026 में 13 मई को मनाई जाएगी, जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त, पारण समय और व्रत का धार्मिक महत्व।
हिंदू धर्म में Apara Ekadashi का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली इस एकादशी को ‘अचला एकादशी’ भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से व्यक्ति को अपार सुख-समृद्धि, वैभव और पापों से मुक्ति प्राप्त होती है।
इस वर्ष अपरा एकादशी की तिथि को लेकर श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि व्रत 12 मई को रखा जाए या 13 मई को। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि की शुरुआत 12 मई 2026 को दोपहर 02:52 बजे से होगी और इसका समापन 13 मई 2026 को दोपहर 01:29 बजे होगा। शास्त्रों के अनुसार व्रत रखने के लिए उदयातिथि का विशेष महत्व होता है, इसलिए अपरा एकादशी का व्रत 13 मई 2026, बुधवार को ही रखा जाएगा।
इस दिन भगवान भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त भी बन रहे हैं, जिनमें ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:37 से 05:21 तक, विजय मुहूर्त दोपहर 02:45 से 03:37 तक, अमृत काल शाम 07:41 से 09:13 तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 07:04 से 07:26 तक रहेगा। इन समयों में पूजा-अर्चना करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
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व्रत रखने के बाद पारण का समय भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। अपरा एकादशी व्रत का पारण 14 मई 2026 को किया जाएगा। पारण के लिए सबसे शुभ समय सुबह 06:04 से 08:41 तक बताया गया है। इस अवधि में व्रत खोलना शुभ और पूर्ण फलदायी माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। इस व्रत का फल इतना महान बताया गया है कि इसे केदारनाथ या बद्रीनाथ धाम के दर्शन और सूर्य ग्रहण के समय पवित्र स्थलों पर स्नान के बराबर माना जाता है।
व्रत की विधि के अनुसार, इस दिन सुबह स्नान करके भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लेना चाहिए। दिनभर निराहार या फलाहार रहकर भक्ति करनी चाहिए और शाम के समय विष्णु सहस्रनाम का पाठ तथा तुलसी के पास दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह व्रत न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन प्रदान करने में भी सहायक होता है। इसलिए श्रद्धालुओं को सही तिथि और विधि के अनुसार इस व्रत का पालन करना चाहिए, ताकि उन्हें इसका पूर्ण फल प्राप्त हो सके।

