हरियाणा के ऊर्जा मंत्री Anil Vij के प्रयासों से अंबाला–चंडीगढ़ रेलमार्ग पर तीसरी व चौथी रेललाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी मिली।
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री Anil Vij के प्रयासों से अंबाला–चंडीगढ़ रेलमार्ग पर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। रेलवे ने इस व्यस्त रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी रेललाइन के निर्माण के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को मंजूरी दे दी है।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने इस स्वीकृति के लिए केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि रेल मंत्री द्वारा पत्र के माध्यम से फाइनल लोकेशन सर्वे की स्वीकृति की जानकारी दी गई है, जिसके बाद अब जल्द ही सर्वे का कार्य शुरू किया जाएगा।
यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ
अनिल विज ने बताया कि अंबाला से चंडीगढ़ के बीच प्रतिदिन हजारों कर्मचारी, विद्यार्थी, व्यापारी और श्रमिक आवागमन करते हैं। फिलहाल इस मार्ग पर बसों और निजी वाहनों पर निर्भरता अधिक है, जिससे यात्रियों को समय और खर्च दोनों का सामना करना पड़ता है।
तीसरी और चौथी रेललाइन बनने से यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
कई राज्यों के यात्रियों को होगा फायदा
अंबाला–चंडीगढ़ रेलमार्ग वर्तमान में केवल दो रेललाइनों पर संचालित हो रहा है, जबकि यह उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रेलमार्गों में से एक है। इस मार्ग से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के लाखों यात्री रोजाना सफर करते हैं।
also read : हरियाणा बजट 2026-27: सहकारिता को ₹1970 करोड़, पिंजौर में फिल्म सिटी और वेडिंग सिटी की घोषणा—डॉ. अरविंद शर्मा
अंबाला छावनी एक प्रमुख सैन्य और औद्योगिक केंद्र है, जबकि चंडीगढ़ प्रशासनिक राजधानी होने के कारण यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। नई रेललाइन बनने से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
डेराबस्सी से जीरकपुर बाईपास तक बनेगा एलीवेटिड हाइवे
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि अंबाला से चंडीमंदिर, कालका और शिमला जाने वाले यात्रियों को भी जल्द राहत मिलने वाली है। डेराबस्सी से जीरकपुर बाईपास तक करीब 10 किलोमीटर लंबा एलीवेटिड हाइवे बनाया जाएगा।
यह परियोजना निर्माणाधीन अंबाला–मोहाली हाईवे से शुरू होकर सीधे जीरकपुर बाईपास से जुड़ेगी, जिससे वाहन चालकों को बिना रुके चंडीमंदिर, कालका और शिमला की ओर जाने का मार्ग मिलेगा।
इस परियोजना पर करीब 1464 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह सड़क डेराबस्सी के रज्जो माजरा से शुरू होकर जीरकपुर बाईपास तक जाएगी।
अनिल विज ने बताया कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari से सिफारिश की थी और अब इस पर काम शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

