अमरनाथ यात्रा 2026: अमरनाथ यात्रा अंतिम चरण में पहुंची। 28 अगस्त को बाबा बर्फानी के आखिरी दर्शन और मुख्य पूजा होगी, जबकि 30 अगस्त को यात्रा का औपचारिक समापन होगा।
अमरनाथ यात्रा 2026: श्री अमरनाथ यात्रा 2026 अब अपने समापन की ओर बढ़ रही है। पवित्र छड़ी मुबारक मंगलवार को चंदनवाड़ी से रवाना होकर शेषनाग पहुंची, जहां साधु-संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में विशेष पूजा और संध्या आरती की गई। अब 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर पवित्र गुफा में मुख्य पूजा के साथ इस साल की यात्रा का औपचारिक समापन होगा।
शेषनाग पहुंची पवित्र छड़ी मुबारक
दशनामी अखाड़े के महंत दीपेंद्र गिरी के नेतृत्व में साधु-संतों का जत्था पवित्र छड़ी मुबारक लेकर आगे बढ़ रहा है। चंदनवाड़ी में रात्रि विश्राम के बाद छड़ी ने शेषनाग की ओर कठिन यात्रा शुरू की।
शेषनाग पहुंचने के बाद पवित्र झील के किनारे संध्या आरती और विशेष पूजा का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।
अमरनाथ यात्रा 2026 का कार्यक्रम
पवित्र छड़ी मुबारक की यात्रा निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार आगे बढ़ रही है।
- 22 अगस्त: श्रीनगर के मैसुमा स्थित दशनामी अखाड़ा भवन से छड़ी मुबारक की यात्रा शुरू हुई। मार्ग में बिजबेहरा के शिव मंदिर और मट्टन स्थित मार्तंड सूर्य मंदिर में पूजा की गई।
- 23 और 24 अगस्त: छड़ी मुबारक पहलगाम में रुकी। 24 अगस्त को गौरी शंकर मंदिर में पूजा के बाद यह चंदनवाड़ी के लिए रवाना हुई।
- 25 अगस्त: चंदनवाड़ी से आगे बढ़कर पवित्र छड़ी शेषनाग बेस कैंप पहुंची।
- 26 और 27 अगस्त: छड़ी मुबारक पंचतरणी की ओर रवाना होगी और वहां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ठहराव रहेगा।
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28 अगस्त को होंगे बाबा बर्फानी के आखिरी दर्शन
रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर 28 अगस्त को सूर्योदय से पहले पवित्र छड़ी मुबारक अमरनाथ गुफा में प्रवेश करेगी। यहां वैदिक परंपराओं और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार मुख्य पूजा संपन्न की जाएगी।
इसी मुख्य अनुष्ठान के साथ 2026 की अमरनाथ यात्रा का धार्मिक समापन माना जाएगा। पौराणिक मान्यता है कि इसी गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमर कथा सुनाई थी।
30 अगस्त को यात्रा का औपचारिक समापन
मुख्य पूजा के बाद छड़ी मुबारक की वापसी यात्रा शुरू होगी। 28 और 29 अगस्त को पंचतरणी, शेषनाग और चंदनवाड़ी होते हुए छड़ी पहलगाम पहुंचेगी।
30 अगस्त को पहलगाम में अंतिम पूजा और पारंपरिक जल विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2026 की वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा का औपचारिक समापन हो जाएगा।
इसके बाद अमरनाथ धाम के कपाट अगले साल की यात्रा तक बंद रहेंगे। अगले यात्रा सीजन में दर्शन और धार्मिक अनुष्ठानों का कार्यक्रम निर्धारित परंपराओं के अनुसार तय किया जाएगा।

