अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना पिछले 9 सालों में फायदे का सौदा रहा है, जानें एक्सपर्ट्स के मुताबिक 12 महीनों में कहां तक पहुंच सकते हैं गोल्ड के दाम।
भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं बल्कि आस्था, परंपरा और निवेश का मजबूत प्रतीक माना जाता है। खासकर अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर सोना खरीदना बेहद शुभ और लाभदायक समझा जाता है। इस साल 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा और एक बार फिर निवेशकों की नजरें सोने की कीमतों पर टिकी हुई हैं। पिछले 9 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह साफ होता है कि अक्षय तृतीया के आसपास सोने में निवेश करने वालों को लंबी अवधि में शानदार रिटर्न मिला है।
लगभग एक दशक पहले जहां सोने की कीमत करीब 29,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास थी, वहीं आज यह 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर चुकी है। खास बात यह है कि 2025 की अक्षय तृतीया पर सोने का भाव लगभग 95,000 से 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच था, जिसके बाद कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। यह ट्रेंड बताता है कि हर साल इस मौके पर किया गया निवेश आगे चलकर फायदेमंद साबित हुआ है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां सोने को और मजबूत बना सकती हैं। दुनिया भर में बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई और डॉलर की कमजोरी जैसे कारक सोने की मांग को लगातार बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने की खरीद में तेजी और ‘डी-डॉलराइजेशन’ की प्रक्रिया भी गोल्ड को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में मजबूत कर रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यही परिस्थितियां बनी रहती हैं तो आने वाले 12 महीनों में सोने की कीमतें 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं। यानी मौजूदा स्तर से 10 से 15 प्रतिशत या उससे अधिक की बढ़ोतरी संभव है। कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि अगर वैश्विक संकट और गहराता है, तो सोने में इससे भी ज्यादा तेजी देखने को मिल सकती है।
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भारत में त्योहारों का भी सोने की कीमतों पर बड़ा असर पड़ता है। अक्षय तृतीया और धनतेरस जैसे अवसरों पर सोने की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिलता है। यही कारण है कि इस समय को निवेश के लिए शुभ और रणनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को यह भी सलाह देते हैं कि सोने में निवेश करते समय जल्दबाजी न करें। बाजार में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है, इसलिए एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर होता है। साथ ही, लंबी अवधि के लिए निवेश करने से बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना अधिक रहती है।
कुल मिलाकर, पिछले वर्षों के ट्रेंड और मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि अक्षय तृतीया 2026 पर सोना खरीदना एक बार फिर निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर आप अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित और संतुलित बनाना चाहते हैं, तो सोने में निवेश एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प हो सकता है।

