AIIMS ऋषिकेश के 6वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति की उपस्थिति में मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया और ‘रुद्राक्ष’ पत्रिका का विमोचन हुआ।
उत्तराखंड के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान AIIMS Rishikesh में 6वें दीक्षांत समारोह का आयोजन बड़े ही गरिमामय वातावरण में किया गया। इस विशेष अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। समारोह में संस्थान के मेधावी छात्रों को डिग्री और पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।
🎓 मेधावी छात्रों को मिला सम्मान
दीक्षांत समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के छात्रों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि छात्रों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम मानी गई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने छात्रों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए समाज सेवा में उनके योगदान की उम्मीद जताई।
📖 ‘रुद्राक्ष’ पत्रिका का विमोचन
इस अवसर पर संस्थान की उपलब्धियों और गतिविधियों पर आधारित ‘रुद्राक्ष’ नामक विशेष पत्रिका का भी विमोचन किया गया। यह पत्रिका AIIMS ऋषिकेश के शैक्षणिक, अनुसंधान और चिकित्सा क्षेत्र में किए गए कार्यों को दर्शाती है, जो संस्थान की प्रगति और उपलब्धियों का दस्तावेज मानी जा रही है।
also read : GRAM 2026 Investor Meet: दिल्ली में निवेशकों को न्योता, जयपुर में कृषि क्रांति की तैयारी तेज
👥 कई विशिष्ट अतिथि रहे मौजूद
समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल Gurmit Singh, केंद्रीय राज्य मंत्री Anupriya Patel, पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद Trivendra Singh Rawat, राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष Mahendra Bhatt और सांसद Naresh Bansal सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए छात्रों को प्रेरित किया।
🏥 चिकित्सा क्षेत्र में नई ऊर्जा
AIIMS ऋषिकेश देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में से एक है, जो स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस तरह के दीक्षांत समारोह न केवल छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होते हैं, बल्कि यह संस्थान की गुणवत्ता और उत्कृष्टता को भी दर्शाते हैं।
🌟 समाज सेवा के लिए प्रेरणा
कार्यक्रम में वक्ताओं ने छात्रों से अपील की कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की सेवा के लिए करें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में काम करना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है।
📝 निष्कर्ष
AIIMS ऋषिकेश का यह 6वां दीक्षांत समारोह छात्रों के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक रहा। उपराष्ट्रपति और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में आयोजित इस समारोह ने न केवल छात्रों को प्रेरित किया, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में उनकी जिम्मेदारियों को भी रेखांकित किया। आने वाले समय में यही युवा डॉक्टर और विशेषज्ञ देश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

