ओडिशा सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि उद्योग योजना को 2030-31 तक बढ़ाया। ₹2,496.40 करोड़ के बजट से 8,500 कृषि उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य है।
ओडिशा सरकार ने किसानों और कृषि क्षेत्र में कारोबार शुरू करने के इच्छुक उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री कृषि उद्योग योजना की अवधि पांच साल बढ़ाने का फैसला किया है। राज्य मंत्रिमंडल ने इस योजना के लिए 2,496.40 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इस निर्णय से कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार, योजना का विस्तारित कार्यकाल वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक रहेगा। इसके तहत पात्र आवेदकों को व्यावसायिक कृषि परियोजनाएं स्थापित करने के लिए पूंजी निवेश सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाना, आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।
पांच साल में 8,500 कृषि उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य
ओडिशा सरकार ने अगले पांच वर्षों के दौरान राज्य के सभी 30 जिलों में लगभग 8,500 व्यावसायिक कृषि परियोजनाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इन परियोजनाओं में कृषि उपज के भंडारण, प्रसंस्करण और उत्पादन से संबंधित विभिन्न इकाइयां शामिल हो सकती हैं।
प्रस्तावित उद्यमों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- कोल्ड स्टोरेज और कृषि उपज भंडारण केंद्र।
- खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां।
- आधुनिक बागवानी फार्म।
- मत्स्य पालन से जुड़े व्यावसायिक उद्यम।
- कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने वाली इकाइयां।
- कृषि और पशुपालन आधारित व्यवसाय।
इन परियोजनाओं के माध्यम से कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था बेहतर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री कृषि उद्योग योजना का क्या है उद्देश्य?
मुख्यमंत्री कृषि उद्योग योजना ओडिशा की कृषि नीति के अंतर्गत संचालित की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना और खेती को उत्पादन के साथ-साथ व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ना है।
योजना के माध्यम से फसल विविधीकरण, आधुनिक कृषि तकनीक, बागवानी उत्पादन और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे किसानों और उद्यमियों को खेती से जुड़े नए व्यवसाय विकसित करने के अवसर मिल सकते हैं।
सरकार इस पहल के जरिए कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और राज्य में कृषि एवं बागवानी उत्पादन की संभावनाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है।
किसानों को फसल का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद
कृषि उपज के लिए पर्याप्त भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाएं उपलब्ध होने से किसानों को लाभ मिल सकता है। कई बार भंडारण की कमी के कारण किसानों को कटाई के तुरंत बाद अपनी उपज बेचनी पड़ती है, जिससे उन्हें अपेक्षित कीमत नहीं मिल पाती।
यदि ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण इकाइयों का विस्तार होता है, तो कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखने और उनका मूल्य बढ़ाने के विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। इससे किसानों को बाजार की मांग के अनुसार उपज बेचने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
कृषि उद्यमियों को कैसे मिलेगी सब्सिडी?
योजना के तहत इच्छुक उद्यमियों को प्रस्तावित व्यवसाय से संबंधित परियोजना रिपोर्ट तैयार करके संबंधित जिला कृषि कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसके बाद निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार परियोजना की तकनीकी जांच की जाएगी और पात्रता के आधार पर सब्सिडी की मंजूरी दी जाएगी।
आवेदन करने वाले किसानों और उद्यमियों को परियोजना की प्रकृति, आवश्यक दस्तावेजों, पात्रता मानदंड और सब्सिडी की दरों के बारे में संबंधित जिला कृषि कार्यालय से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
ध्यान देने वाली बात यह है कि योजना की अवधि बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक आवेदक को समान राशि की सब्सिडी मिलेगी। सहायता की वास्तविक राशि संबंधित परियोजना और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।
मत्स्य पालन क्षेत्र को भी मजबूत करने की तैयारी
राज्य मंत्रिमंडल ने इसी बैठक में ओडिशा फिशरीज सर्विस भर्ती एवं सेवा शर्त नियम, 2026 को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य मत्स्य सेवा के अधिकारियों की भर्ती, पदोन्नति और वरिष्ठता से संबंधित प्रक्रियाओं के लिए औपचारिक व्यवस्था तैयार करना है।
मत्स्य पालन क्षेत्र में तकनीकी अधिकारियों की उपलब्धता बेहतर होने से किसानों और मत्स्य उद्यमियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलने में सहायता मिल सकती है। इससे मछली उत्पादन और इससे जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा देने के प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण रोजगार और कृषि आधारित उद्योगों को मिलेगा प्रोत्साहन
ओडिशा में मुख्यमंत्री कृषि उद्योग योजना का पांच साल के लिए विस्तार कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 2,496.40 करोड़ रुपये के स्वीकृत बजट और 8,500 कृषि उद्यम स्थापित करने के लक्ष्य के माध्यम से राज्य सरकार भंडारण, प्रसंस्करण, बागवानी और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित करना चाहती है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को कृषि आधारित व्यवसायों से जुड़ने, उद्यमियों को निवेश के अवसर तलाशने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

