बिहार फसल सहायता योजना 2026 में 31 अक्टूबर तक निःशुल्क आवेदन करें। पात्र किसानों को फसल नुकसान पर ₹7,500 से ₹20,000 तक सहायता मिल सकती है।
बिहार में खरीफ सीजन 2026 के दौरान फसल नुकसान का सामना करने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है। पात्र किसान इस योजना के लिए बिना किसी शुल्क के आवेदन कर सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक करीब 73 हजार किसान योजना के तहत पंजीकरण करा चुके हैं।
राज्य के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि योजना की पूरी आवेदन प्रक्रिया निःशुल्क है और इसका खर्च बिहार सरकार उठा रही है। सरकार का उद्देश्य फसल उत्पादन में कमी से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें नुकसान की स्थिति में राहत मिल सके।
बिहार फसल सहायता योजना में इन फसलों को किया गया शामिल
बिहार सरकार के सहकारिता विभाग की ओर से संचालित इस योजना में खरीफ सीजन की अधिसूचित फसलों को शामिल किया गया है। इनमें अघनी धान, भदई मक्का और कुछ जिलों में सोयाबीन की फसल शामिल है।
- अघनी धान: बिहार के 38 जिलों की लगभग 527 ग्राम पंचायतों में अधिसूचित।
- भदई मक्का: राज्य के 38 जिलों की करीब 534 ग्राम पंचायतों में शामिल।
- सोयाबीन: बेगूसराय, समस्तीपुर और खगड़िया जिलों में जिला स्तर पर अधिसूचित।
इसके अतिरिक्त, अघनी धान और भदई मक्का को संबंधित जिलों के कई नगर पंचायत एवं नगर परिषद क्षेत्रों में भी अधिसूचित किया गया है। किसानों को आवेदन से पहले अपनी फसल और क्षेत्र की पात्रता की पुष्टि करनी चाहिए।
फसल नुकसान पर किसानों को कितनी मिलेगी सहायता राशि?
बिहार राज्य फसल सहायता योजना के अंतर्गत किसानों को वास्तविक उपज में निर्धारित सीमा के मुकाबले आई कमी के आधार पर आर्थिक सहायता दी जाती है। सहायता की राशि उपज में हुए नुकसान के स्तर पर निर्भर करती है।
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उपज में कमी |
प्रति हेक्टेयर सहायता |
अधिकतम सहायता राशि |
|---|---|---|
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20 प्रतिशत तक |
₹7,500 |
₹15,000 |
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20 प्रतिशत से अधिक |
₹10,000 |
₹20,000 |
योजना के तहत अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए सहायता का प्रावधान बताया गया है। वास्तविक भुगतान संबंधित पंचायत की उपज के आकलन और योजना के लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होगा।
किन किसानों को मिलेगा बिहार फसल सहायता योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ अपनी जमीन पर खेती करने वाले किसानों के साथ-साथ दूसरे की जमीन पर बटाई के आधार पर खेती करने वाले किसान भी ले सकते हैं।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, योजना में लाभ लेने के लिए आय की कोई निर्धारित सीमा या न्यूनतम आयु की शर्त नहीं है। हालांकि, आवेदन करने वाले किसानों को अधिसूचित फसल और क्षेत्र से जुड़ी पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।
बिहार फसल सहायता योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
योजना के लिए आवेदन करने हेतु किसानों को नीचे दिए गए चरणों का पालन करना होगा।
पहला चरण: कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण
जिन किसानों ने पहले से पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें सबसे पहले बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।
वेबसाइट: DBT Agriculture Bihar
दूसरा चरण: PACS पोर्टल पर आवेदन
पंजीकरण संख्या प्राप्त करने के बाद किसान PACS ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर लॉगिन कर सकते हैं और फसल सहायता योजना का आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।
वेबसाइट: PACS Online Bihar
तीसरा चरण: दस्तावेज अपलोड करें
आवेदन के दौरान मांगे गए सभी दस्तावेज सही जानकारी के साथ अपलोड करें। फॉर्म जमा करने से पहले विवरण की अच्छी तरह जांच कर लें।
चौथा चरण: पावती रसीद सुरक्षित रखें
आवेदन पूरा होने के बाद मिलने वाली पावती रसीद को संभालकर रखें। भविष्य में आवेदन की स्थिति जानने या भुगतान में देरी होने पर यह उपयोगी हो सकती है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
बिहार फसल सहायता योजना में आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है:
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- जमीन के कागजात या राजस्व रसीद
- वार्ड सदस्य अथवा कृषि सलाहकार से प्रमाणित स्व-घोषणा पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- किसान पंजीकरण संख्या
किसानों को यह भी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि उनका आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक हो। इससे योजना के तहत सहायता स्वीकृत होने पर राशि सीधे खाते में भेजने में होने वाली संभावित परेशानियों को कम किया जा सकता है।
आवेदन के बाद कैसे तय होगा मुआवजा?
आवेदन की समयसीमा समाप्त होने के बाद संबंधित पंचायत की वास्तविक फसल उपज का आकलन किया जाता है। इसके आधार पर निर्धारित किया जाता है कि उपज में कितनी कमी आई है और किसान किस सहायता श्रेणी के पात्र हैं।
यदि सहायता राशि मिलने में देरी होती है, तो किसान अपनी पावती रसीद के आधार पर संबंधित पंचायत सहकारिता समिति से आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
किसानों के लिए जरूरी सूचना
बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर बताई गई है। इसलिए पात्र किसान समय रहते अपना पंजीकरण और आवेदन पूरा करें। आवेदन करने से पहले अधिसूचित फसल, पंचायत, जरूरी दस्तावेज और बैंक खाते से संबंधित विवरणों की जांच करना जरूरी है।
सरकार की इस योजना का उद्देश्य फसल उत्पादन में कमी से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देना है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन से संबंधित नवीनतम दिशा-निर्देशों और पात्रता की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल से अवश्य करें।

